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1.46 लाख अभ्यर्थियों के `17 करोड़ लौटाएगा अवध विवि

Fri, 03 Jun 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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सूबे के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिला नेशनल एलिजबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) के जरिए होने का रास्ता साफ होने के बाद अवध विश्वविद्यालय   को 1.46 लाख अभ्यर्थियों का 17  करोड़ रुपये लौटाने पड़ेंगे।
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शासन ने नीट टू आवेदन भरने से पहले हर हाल में इस भुगतान को करने का आदेश दे रखा है। इस आदेश पर कार्रवाई को लेकर विवि की वित्त समिति व कार्यपरिषद ने भी हरी झंडी दे दी है। फिर भी शासन से अब तक हुए खर्च और फीस वापसी की धनराशि मांगकर मामले को लटका दिया गया है, जबकि  सीपीएमटी परीक्षा के बावत खुले खाते में पर्याप्त रकम मौजूद है।

अवध विवि को इस बार सूबे के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए कंबाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) की जिम्मेदारी दी गई थी। 17 मई को यह प्रवेश परीक्षा प्रदेश के 15 जिलों में स्थित 261 केंद्रों पर सुबह नौ बजे से 12 बजे के बीच होनी तय थी।
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परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में एक लाख 45 हजार 784 ने शुल्क जमा किया था। हालांकि इसमें से 496 अभ्यर्थियों के आवेदन ऑन लाइन प्रक्रिया में त्रुटि के कारण निरस्त कर दिए गए थे। परीक्षा के बावत इस बार भारी भरकम शुल्क सामान्य व ओबीसी अभ्यर्थी से 1400 रुपये और एससी-एसटी से 700 रुपये वसूले गए थे।

विवि सूत्रों के अनुसार 17 करोड़ से अधिक धनराशि आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त हुईै, जबकि विवि ने परीक्षा की तैयारी पर तीन करोड़ से अधिक रकम खर्च की है। इसी बीच 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिला सिर्फ नेशनल एलिजबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) के जरिए कराने का आदेश दे दिया।

हालांकि बाद में कई राज्यों के विरोध पर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी करके इस साल पूर्व की तरह परीक्षाएं होने और नीट लागू करने के लिए एक साल का वक्त मांगा। इसमें राज्यों को उनके विवेक पर छोड़ दिया गया कि नीट-टू से चाहें तो एग्जाम करा सकते हैं।

अब यूपी सरकार ने बुधवार को साफ कर दिया कि वह एमबीबीएस व बीडीएस में दाखिले के लिए नीट के दूसरे फेज में 24 जुलाई को परीक्षा के पक्ष में है। इससे छात्रों की ऊहापोह तो समाप्त हो गई, लेकिन अवध विवि में जमा आवेदन शुल्क की वापसी नीट से परीक्षा फार्म भरने से पहले होने को लेकर संशय बना हुआ है।

जबकि 12 मई को जारी शासन के प्रमुख सचिव अनुप चंद्र पांडेय ने जारी आदेश में स्पष्ट कहा है कि अभ्यर्थियों द्वारा जमा की गई समस्त शुल्क की वापसी की जाए। इसका निर्धारण अवध विवि की ओर से सीपीएमटी की निर्धारित वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाए।

मगर इस आदेश का आज तक अनुपालन नहीं हुआ है। वेबसाइट पर सिर्फ इतनी सूचना  प्रसारित की गई है कि सभी का आवेदन शुल्क वापस होगा, इसकी प्रक्रिया जल्द घोषित होगी।
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