अयोध्या। ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की षष्ठी यानी 25 मई को सूर्य नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश के साथ ही गर्मी का प्रकोप बढ़ जाएगा। भगवान सूर्य कृतिका से निकलकर रोहिणी में जाएंगे और नौ जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन और सप्तमी तिथि में बढ़ोतरी नौतपा को खूब तपाएगी।
हर बार नौतपा मई या जून के महीने के बीच में पड़ता है। ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा बताते हैं कि सूर्य 25 मई की रात में 8:58 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, चंद्र रोहिणी नक्षत्र के स्वामी हैं और शीतलता के कारक ग्रह हैं। ऐसे में रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से वातावरण पर विशेष प्रभाव पड़ता है। इस दौरान पृथ्वी को पूर्ण रूप से शीतलता नहीं मिलती है और तापमान में सर्वाधिक बढ़ोतरी हो जाती है।
श्रीमद्भगवद्गीता में भी नौतपा का वर्णन
नौतपा का वर्णन श्रीमद्भगवद्गीता में भी किया गया है। बताया गया है कि इस बार नौतपा में दुर्भिक्ष, गर्मी सहित उथल-पुथल की आंशका बन रही है। आचार्य प्रवीण ने बताया कि नौतपा को न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैैैज्ञानिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। विज्ञान में भी बताया गया है कि इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं जिससे तापमान में बढ़ोतरी होती है।