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ऑनलाइन प्रतियोगिता में कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा

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अयोध्या। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी अयोध्या के तत्वावधान में 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर 14 से 18 मई तक पांच दिवसीय ऑनलाइन कला प्रतियोगिता व प्रदर्शनी का आयोजन संपन्न हुआ।
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जिसके अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी अयोध्या में संग्रहित कलाकृतियों की विभिन्न मुद्राओं में चित्रकला के माध्यम से सृजनात्मक पेंटिंग, मूर्तिकला की वर्किंग फोटो, सृजित कलाकृति की फोटो के साथ अपना पूर्ण विवरण सहित देशभर के 51 कलाकारों ने संग्रहालय के ईमेल पर भेजकर प्रतिभाग किया था।
जिसे अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी अयोध्या के फेसबुक पेज व सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों पर ऑनलाइन प्रदर्शित किया गया है।
संग्रहालय में संग्रहित कलाकृतियों के विषय पर आधारित राष्ट्रीय ऑनलाइन चित्रकला, पेंटिंग, मूर्तिकला प्रतियोगिता व कला प्रदर्शनी में देशभर के कुल 51 सीनियर व जूनियर कलाकारों ने प्रतिभाग किया।
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जिनके द्वारा ऑनलाइन प्राप्त पेंटिंग व मूर्तिकला का चयन 18 मई को संग्रहालय के उपनिदेशक योगेश कुमार तथा कार्यक्रम संयोजक शिव बक्श सागर प्रजापति के निर्देशन में गठित समिति द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कलाकारों में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती से प्रवीण कुमार, गोंडा से पवन आर्ट, वाराणसी से अंजनी मिश्रा, शालिनी मिश्रा, पद्मिनी मेहता, लखनऊ से पूजा कनौजिया शामिल हुईं।
अयोध्या से राम आशीष, श्रेया मौर्या, कृपा शंकर गुप्ता, गाजीपुर से शालिनी सिंह, अमरोहा से डॉ. पंकज रानी, अलीगढ़ से समृद्धि सिंघल, चित्रकूट से कंचन सिंह, मेरठ से शशि कौशिक, हाथरस से डॉ. भेद प्रकाश सिंह ने प्रतिभाग किया।
बाराबंकी से मूर्तिकार राम तीरथ, बागपत से आकाश, गोरखपुर से प्रियंका गुप्ता, सुल्तानपुर से चंद्रपाल राजभर तथा अन्य प्रदेशों में राजस्थान से हीरालाल चित्रकार, अयन हलदार, हिमाचल प्रदेश से रिशु कुमार ने भाग लिया।
उत्तराखंड से मुकुंद पुरोहित, उड़ीसा से कृतिकृष्णा पंडा, दिल्ली से डॉ. दिव्या मिश्रा, मध्यप्रदेश से प्रतिभा राठौड़, रिया जैन, सपना चौरे, शिवली राजपूत , श्याम कुशवाहा, असम से रूपा मनि चौहान, मिना कामछा पी, महाराष्ट्र से अन्नया महेश खंडेलवाल आदि को शामिल किया है।
संग्रहालय के उपनिदेशक योगेश कुमार ने सभी प्रतिभागी कलाकारों आदि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी देश की कला व संस्कृति के संरक्षण के रूप में संग्रहालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
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इसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का भी इस कार्य में अपनी विशेष भूमिका निभा रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण यह कार्यक्रम ऑनलाइन करना पड़ा।
जल्द ही निर्णायक मंडल द्वारा टॉप आठ कलाकारों का चयन करके उन्हें पुरस्कृत करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन कोरोना काल के बाद किया जाएगा।
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