अयोध्या। साकेत महाविद्यालय से सुबह नौ बजे जब रामकथा आधारित झांकियां निकलीं तो पूरी अयोध्या राममय हो उठी। रामचरितमानस के प्रसंगों पर सजी डिजिटल झांकियां इस बार आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे अयोध्या समेत अन्य प्रांतों के कलाकार शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। शोभायात्रा को प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत महाविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस बार पीएम मोदी के आगमन को लेकर शोभायात्रा की भव्यता भी बढ़ाई गई थी। हर बार जहां शोभायात्रा में 11 झांकियां होती थीं, वहीं इस बार 16 झांकियां उत्सव का हिस्सा रहीं। साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक के करीब तीन किलोमीटर के इस मार्ग को शोभायात्रा ने करीब तीन घंटे में पूरा किया।
यात्रा में सबसे आगे रामराज्याभिषेक की झांकी रही। इसके अलावा पुत्रेष्टि यज्ञ, अहिल्या उद्धार, रामविवाह, गुरूकुल शिक्षा, केवट प्रसंग, लंकाकांड, रामसेतु निर्माण सहित अन्य प्रसंगों पर आधारित झांकियां भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में मुनाल लखनऊ के नेतृत्व में उत्तराखंड का लोकनृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।
इसी तरह राम-रावण युद्ध, सेतु बंध, रामराज्याभिषेक, संजीवनी बूटी आदि की पांच झांकियां डिजिटल थीं। जो भक्तों को आकर्षित कर रही थी। झांकियों के दौरान विभिन्न प्रांतों के करीब 500 कलाकारों द्वारा मयूर नृत्य, छाऊ लोकनृत्य, बम रसिया, रणसिंघा, बीन जोगी आदि लोकनृत्य की प्रस्तुति आकर्षक रही।
शोभायात्रा के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, सांसद लल्लू सिंह, मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. लवकुश द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।