अयोध्या। सेना भर्ती में अभ्यर्थियों को ठगने वाला गिरोह तीन माह से आर्मी इंटेलिजेंस टीम के रडार पर था। पहले भी इन्हें बंगाल में पकड़ा गया था, मगर जमानत के बाद इनकी हरकतें बंद नहीं हुईं। डोगरा रेजीमेंटल सेंटर अयोध्या में जब प्रादेशिक भर्ती के लिए पंजीकरण शुरू हुआ तो अकबर व अनवर आर्मी अफसर की ड्रेस में बिहार व झारखंड के युवकों से मिलते व भर्ती का ठेका लेने लगे।
इसकी भनक लगने के बावजूद आरोपियों के सेना में सूत्रों तक पहुंचने के लिए इंटेलिजेंस टीम वॉच करती रही। आखिरकार जब कोई तथ्य नहीं मिला तो लखनऊ में कमांड हॉस्पिटल के बाहर अभ्यर्थियों को फर्जी मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र देते दो लोगों को दबोच लिया गया। प्रमाणपत्र के लिए हर अभ्यर्थी से 50-50 हजार हजार रुपये वसूले गए थे।
आर्मी सूत्रों के अनुसार डोगरा रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित हुई प्रादेशिक सेना भर्ती के दौरान बिहार से अकबर व अनवर का इनपुट मिला था। ये अंतर राज्यीय गिरोह पहले भी भर्ती के नाम पर ठगी के आरोप में जेल जा चुका है। बीते 14 से 19 अक्तूबर तक अयोध्या के डोगरा रेजिमेंटल सेंटर पर प्रादेशिक सेना भर्ती का आयोजन किया गया था। इसमें बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड व उड़ीसा के अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।
इस दौरान मिलेट्री इंटेलीजेंस अकबर व अनवर पर नजर रख रही थी। ये दोनों पहले भी पकड़े जा सकते थे, मगर देशविरोधी गतिविधियों में इनकी संलिप्तता खंगालने के लिए सेना के सूत्रों की तलाश थी। इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार जब सेना में इनके सूत्र नहीं मिले तो दोनों की गिरफ्तारी की तैयारी की गई।
इस बीच डोगरा रेजीमेंटल सेंटर में भर्ती के दौरान जिन युवकों को मेडिकल में अनफिट पाया गया था, उन्हें लखनऊ के कमांड हॉस्पिटल में दोबारा सीनियर मेडिकल ऑफिसर व तकनीकी जांच के लिए रेफर किया गया था, तभी अकबर व अनवर वहां सक्रिय हो गए। लैपटॉप से सेना के मेडिकल बोर्ड का फर्जी प्रमाणपत्र देने के नाम पर इन दोनों ने करीब 50 युवकों से 50-50 हजार रुपये कैश वसूला था।
मौके पर पांच लोगों को प्रमाणपत्र देने के दौरान फैजाबाद आर्मी इंटेलिजेंस की टीम ने कमांड और लखनऊ की कैंट पुलिस को सूचना देकर दोनों को गिरफ्तार करा लिया। अकबर जीआरएसी रोड थाना नडियाल कोलकाता व मो. अनवर थाना इसहाकचक जनपद भागलपुर बिहार का रहने वाला है।
ठगे गए अभ्यर्थियों ने बताया कि ये दोनों आर्मी की वर्दी में उनसे मिलने गांव तक आए थे। इनके पास से एक लैपटॉप, 16 भरे हुए आर्मी मेडिकल टेस्ट फॉर्म व पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। लखनऊ पुलिस व मिलेट्री इंटलीजेंस इनके अयोध्या में हुई भर्ती प्रक्रिया से तार जुड़े होने की जांच कर रही है। लखनऊ पुलिस के अनुसार ये पश्चिम बंगाल में भी सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने के आरोप में जेल जा चुके हैं।