बीकापुर ब्लॉक के लेखाकार के साथ अभद्रता के विरोध में शुक्रवार को पूरे जिले में विकास के काम ठप हो गए। नाराज कर्मचारियों ने विकास भवन में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम को अफसरों के साथ वार्ता भी बेनतीजा रही। विभिन्न संगठनों ने धरने को अनिश्चितकालीन घोषित कर दिया है।
लेखाकार जगदीश प्रसाद शुक्ल प्रकरण को लेकर नाराज कर्मियों ने जिले के सभी विकास खंडों में तालाबंदी कर दी। कार्य बहिष्कार करके विकास भवन और खंड विकास कार्यालय बंद कर दिए गए। सभी कर्मचारी विकास भवन में धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच गए।
यहां कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लेखाकार के साथ की गई अभद्रता की जानकारी अफसरों को दी गई। बीडीओ से फारवर्ड करके रिपोर्ट के लिए कोतवाली बीकापुर पुलिस को तहरीर दी गई लेकिन पुुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की।
ऊपर से आरोपी ब्लॉक प्रमुख ने अपने निजी असलहाधारियों को लेकर परिसर में आकर कर्मियों को भयाक्रांत किया। ऐसी स्थिति में काम करना मुश्किल हो गया है। न तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई की और न ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। ।
कर्मचारियों ने आरोपी ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही साथ क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने, विकास विभाग के कार्यालयों में किसी भी निजी असलहाधारी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किए जाने और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सरकारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग एक बार फिर उठाई।
शाम को डीडीओ, पीडी और उपायुक्त ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। आंदोलन को अनिश्चितकालीन घोषित कर दिया गया है। धरने को ओम प्रकाश सिंह, राम अवध, अजय सिंह, दया शंकर वर्मा, ओपी सिंह, महेश चंद्र तिवारी, अरविंद सिंह, राज कुमार पांडेय, महेश शुक्ल, यदुवेंद्र यादव, संदीप यादव, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह, मनु सिंह, अरविंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे