1-अयोध्या-दिल्ली से आये खंडासा क्षेत्र के इछोई गांव निवासी दो युवक ने खुद को खेत में क्वॉरंटीन कर र
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अमानीगंज। दिल्ली से आये खंडासा क्षेत्र के इछोई गांव निवासी दो युवकों ने खुद को खेत में क्वारंटीन कर रखा है। स्थानीय लोग इनके संयम की काफी प्रशंसा कर रहे हैं।
इछोई गांव निवासी अमरदीप शुक्ला व गणेश दुबे 18 मार्च को ही अपने गांव से दिल्ली गए हुए थे और 22 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी। अमरदीप तो पहली बार होली के बाद पारिवारिक समस्याओं के चलते कमाने के लिए घर से निकले थे लेकिन दिल्ली जाकर लॉकडाउन में फंस गए। किसी तरह दोनों ने 15 मई तक जैसे-तैसे गुजारा लेकिन जब उनको लगा की लॉकडाउन अभी आगे भी जारी रहेगा तो दोनों घर लौटने की सोचने लगे।
इसी दौरान इनके किसी करीबी ने इन्हें फोन करके सूचना दी कि दिल्ली से एक कार सुल्तानपुर के जगदीशपुर को जा रही है जिसका किराया प्रति व्यक्ति पांच हजार है। दोनों ने जैसे-तैसे पैसा इकट्ठा किया और उसी कार से गांव की तरफ चल दिए। 17 मई की रात लगभग एक बजे दोनों जगदीशपुर पहुंच गए। जगदीशपुर पुलिस ने बहुत अनुनय-विनय करने के बाद इनको मिल्कीपुर तक के लिए ट्रक में बैठा दिया।
मिल्कीपुर पहुंचने के बाद वहां की पुलिस ने इनको सतनापुर नहर के लिए गाड़ी में बैठा दिया। सतनापुर से ये लोग पैदल ही अपने गांव इछोई पहुंचे। गांव के समीप पहुंचकर उन्होंने अपने परिवार वालों को सूचना दी कि वे गांव के पास आ चुके हैं, उनके परिवार वालों ने इनके लिए पास में ही स्थित बगीचे में सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाईं।
दिन भर तो ये लोग उस बगीचे में रहते हैं और शाम होते ही अपने मक्के के खेत के पास चले जाते हैं। इनको दिल्ली से आए छह दिन हो गये हैं। इनका कहना है कि क्वारंटीन के 14 दिन पूर्ण हो जाने पर ही ये अपने घर जाएंगे और तभी अपने घर के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। इन दोनों व्यक्तियों के इस संयम की स्थानीय लोग काफी प्रशंसा कर रहे हैं। वास्तव में बाहर से चलकर आए प्रवासी लोगों को इन लोगों से सीख लेनी चाहिए।