फैजाबाद के चांदपुर में लगी आलू की फसल।
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रबी की फसलों की बोआई पूरा होने को है। अब तक किसान जिले में दो तिहाई क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्र में बोआई कर चुके हैं। दलहनी फसलों में चना, मटर, मसूर, आलू, सरसों की बोआई हो चुकी है।
रबी के मौसम में बोई जाने वाली फसलों में गेहूं की बोआई भी 70 फीसदी से अधिक हो गई है। रबी फसलों की बोआई में तेजी के पीछे ठंडक को भी मुख्य कारण माना जा रहा है। वजह यदि किसान गेहूं की बोआई में अब देरी करता तो जमाव कम होता। नतीजतन किसानाें ने जैसे-तैसे गेहूं की बोआई कर दी।
रबी की फसलों में मुख्य रूप से गेहूं की बोआई की जाती है। जिले में एक लाख पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती की जाती है। गेहूं की बोआई उन्हीं किसानाें की पिछड़ी है, जिन किसानों ने 15 नवंबर के बाद खेत की जुताई कर पानी भरा था। ठंडक के आ जाने से खेत सूखे नहीं। नतीजतन, गेहूं की बोआई नहीं हो पाई है। एक सप्ताह के अंदर हर हाल में किसान अपने खेत की बोआई कर देंगे।
जिले में यूरिया खाद के लिए 40 हजार क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 19538 एमटी यूरिया उपलब्ध है। फास्फेटिक खाद में एनपीके की 7हजार पाचं सौ मीट्रिक टन तो डीएपी की साढ़े नौ हजार मीट्रिक टन गोदाम से लेकर खाद विक्रेताओं की दुकान तक उलब्ध है।