रिकाबगंज मे ठंड व कोहरे के बीच गंतव्य की ओर लाइट जलाकर जाता युवक।
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घने कोहरे के चलते रेल व सड़क यातायात प्रभावित रहा। आधी रात से सुबह तक विजिविलटी सौ मीटर भी नहीं रही। हालांकि दिन चढ़ते धूप खिली, मगर सर्द हवा और दिन ढलते कोहरे से हालात फिर बदतर हो गए।
ट्रेनों के आने-जाने का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ गया है। लोगों ने घरों दुबककर संडे मनाया। इन सबके बीच शहर से देहात तक कहीं भी जिला प्रशासन या नगर निकाय की ओर से अलाव के इंतजाम नहीं किए गए।
रविवार को शहर, बाजार व गांव घने कोहरे की चादर से ढंके रहे। कोहरे की मार दोपहर तक रही। फिर धूप खिली, मगर सर्द हवा कंपाती रही। जिले के ग्रामीण क्षेत्राें में ठंड से जनजीवन बेहाल रहा। लोग घरों में दुबके रहे।
कहीं अलाव नहीं जल सका है। अमानीगंज प्रतिनिधि के मुताबिक मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में घने कोहरे और हाड़कंपाऊ ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इनायतनगर, कुचेरा, मिल्कीपुर, कुमारगंज, खंडासा, करिया का पुरवा चौराहा, अमानीगंज सहित क्षेत्र के किसी प्रमुख स्थान पर प्रशासन अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं कर सका, जिससे गरीब और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शाम होते ही ठंड से चौराहे और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। राहगीर ठंड से ठिठुर रहे हैं। एसडीएम मिल्कीपुर गिरिजेश चौधरी ने बताया कि अलाव जलवाने और कंबल वितरण के लिए सूची मांगी गई है। महबूबगंज प्रतिनिधि ने बताया कि विकासखंड मया के महबूबगंज बाजार सहित चौराहे पर अब तक अलाव की व्यवस्था प्रशासन नहीं कर सका है। लोग ठंड से इधर-उधर ठिठुर रहे हैं।