इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए भागदौड़ शुरू हो गई है। डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के तकनीकी पाठ्यक्रम और एडेड कॉलेजों में प्रवेश के लिए सबसे अधिक मारामारी शुरू हो गई है।
यूपी बोर्ड का परिणाम आने से ही नामी कॉलेजों में एडमिशन के आवेदन शुरू हो गए थे। सबसे अधिक भीड़ बीएससी और बीकॅाम करने को लेकर है। जिले में डिग्री कॉलेजों की संख्या तो 132 है, मगर अच्छे कॉलेजों की खासी कमी है।
अनुदानित कॉलेजों की संख्या महज चार ही है। इस बार यूपी बोर्ड से इंटर पास करने वालों की संख्या 34 हजार 899 रही, जबकि सीबीएसई व आईसीएसई मिलाकर करीब साढ़े तेरह सौ विद्यार्थी पास हुए हैं। जबकि जिले में बीए, बीएससी और बीकॉम में कुल मिलाकर करीब 60 हजार सीटें हैं।
इस लिहाज से सीटें कम नहीं हैं, मगर मेधावी जिन कॉलेजों को वरीयता दे रहे हैं उनमें सबसे पहला स्थान अवध विवि के आवासीय कोर्सों का हैं, जहां बीबीए, बीसीए में प्रवेश परीक्षा का आवेदन 15 जून तक मांगा गया है, जबकि बीटेक के लिए यूपीटीयू से सीटें एलाट होंगी।