अयोध्या की परिक्रमा कर पुण्य लाभ कमाने के बाद अब सरयू स्नान की बारी है। इस स्नान की तिथि पर काफी भीड़ होने की संभावना है। कार्तिक पूर्णिमा मेले की संवेदनशीलता के मद्देनजर प्रशासन पुख्ता व्यवस्था करने में लगा है। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी के जरिए नजर रखने की व्यवस्था की गई है।
शंाति व्यवस्था के लिए छह जोनल व 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। स्नान के बाद पूजन-अर्चन के लिए सर्वाधिक भीड़ वाले मंदिरों को जोन बनाया गया है। सबसे ज्यादा भीड़ वाले घाट जोन में एक जोनल व चार सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। इसी तरह सुचारु यातायात के लिए भी मजिस्ट्रेटों को लगाया गया है।
नागेश्वर नाथ मंदिर पर एक जोन में चार अन्य मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। हनुमानगढ़ी जोन में एक प्रभारी के साथ चार मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। कनक भवन में एक जोन के साथ दो मजिस्ट्रेट व्यवस्था देखेेंगे। मेले की व्यवस्था को अंतिम रूप 24 नवंबर की शाम दिया जाएगा।
एडीएम सिटी/मेलाधिकारी आरएन शर्मा ने बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पूर्णिमा स्नान को लेकर मजिस्ट्रेट और पुलिस अफसरों के साथ बैठक 24 नवंबर की शाम मेला कंट्रोल रूम में प्रस्तावित है।
पूर्णिमा स्नान 25 को सुबह 5.59 बजे से
अयोध्या में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का मूहूर्त 25 नवंबर को भोर 5:59 मिनट से है जो 26 नवंबर की भोर 4:02 तक रहेगा।