अयोध्या। मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल व डीएम अनुज कुमार झा ने मंगलवार को अचानक कई दफ्तरों में छापा मारा तो अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक नदारद मिले। हालत यह थी कि सरकार की ओर से मिले आला अधिकारियों के सरकारी आवास में भी सन्नाटा पसरा था।
माली, फॉलोअर, चपरासी और कुछ बाबू मिले तो सबकी जुबान से सच सुनकर हर कोई आश्चर्यचकित था कि बड़े साहब लोग तो लखनऊ वाले घर से फरमान चलाते हैं। नाराज कमिश्नर ने हाजिरी रजिस्टर का पन्ना-पन्ना पलट डाला। यही सख्ती कई कार्यालयों में डीएम ने भी। गिनती कराई तो इंजीनियर, अधिकारी और कर्मचारी समेत करीब 232 अनुपस्थित मिले। सभी से जवाब तलब करने के साथ वेतन काटने का आदेश दिया।
कमिश्नर एमपी अग्रवाल बुधवार सुबह 11 बजे मंडल मुख्यालय स्थित बड़ी-बड़ी परियोजनाओं को देख रहे आला अधिकारियों के दफ्तरों पर कामकाज व उपस्थिति जांचने पहुंचे तो सन्नाटा देख दंग रह गए। जल निगम के मुख्य अभियंता ओपी सिंह नदारद थे।
एक्सईएन से लेकर जेई-एई की उपस्थिति नाममात्र थी। जबकि पूरे मंडल में पेयजल परियोजनाओं में खामियों की तमाम शिकायतें डंप हैं। यही हाल सरयू खंड प्रथम के मुख्य अभियंता अखिलेश कुमार का था। वे न दफ्तर में थे, न घर पर।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता राकेश राजवंशी का दफ्तर और आवास भी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों व कुछ बाबुओं के भरोसे था। पूछने पर पता चला कि बड़े साहब तो लखनऊ से फरमान चलाते हैं। मंडलीय बैठक, शासन के अधिकारी या सीएम व बड़े मंत्री आते हैं तो सीधे वहीं आते हैं। बड़े ठेकेदार सीधे लखनऊ जाकर मिल लेते हैं। लोक निर्माण के अधीक्षण अभियंता किशोर पाहुजा का भी ऐसा ही हाल रहा।
अधिशासी अभियंता गुण नियंत्रण कार्यालयों संदीप कुमार खरे के यहां से बड़ी-बड़ी जांचें होती हैं, लेकिन वह दफ्तर से नदारद मिले। सरयू नहर खंड अनुश्रवण के एक्सईएन रामशंकर राय और अनुश्रवण प्रकोष्ठ के एक्सईएन अरविंद सिंह यादव भी गैरहाजिर मिले।
पता चला कि सभी आला अधिकारी विधायक-सांसद से लेकर जनप्रतिनिधियों व जनता को भी कभी दफ्तर में मिलते नहीं हैं। कार्यालय से कहा जाता है कि साहब फील्ड में हैं। शासन व मुख्यालय की मीटिंग में गए हैं, लेकिन जब कमिश्नर खुद जांच करने पहुंचे तो यह बहाना बनाने वाले कार्यालय के बाबू से लेकर चपरासी तक बगले झांकते नजर आए।
कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी कार्यालय में 12, मुख्य अभियंता पीडब्लूडी कार्यालय में 8, मुख्य अभियंता सरयू प्रथम कार्यालय में दो, मुख्य अभियंता जल निगम कार्यालय में छह और मुख्य अभियंता गुण नियंत्रण कार्यालय में 10 अधिकारी व कर्मचारी गैरहाजिर मिले। उन्होंने मुख्य अभियंता जल निगम, मुख्य अभियंता सरयू खंड प्रथम, मुख्य अभियंता लोक निर्माण, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण, अधिशाषी अभियंता गुण नियंत्रण कार्यालयों का निरीक्षण किया। कहा कि 38 लोग निरीक्षण के दौरान नदारद मिले। अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन काटने का निर्देश देते हुए चेतावनी देने को कहा।
जिला स्तरीय दफ्तरों में भी हुई जांच, 194 अधिकारी व कर्मचारी मिले अनुपस्थित
डीएम अनुज कुमार झा के निर्देश पर दर्जन भर से अधिक कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में 194 अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने कलेक्ट्रेट और सिंचाई विभाग का निरीक्षण किया। कलेक्ट्रेट में 21 तो सिंचाई विभाग में 16 अधिकारी कर्मचारी गैरहाजिर मिले। अपर जिलाधिकारी नगर वैभव शर्मा ने जिला पूर्ति कार्यालय का निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। 13 कर्मचारी नदारद मिले। मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता के निरीक्षण में जिला विद्यालय निरीक्षण कार्यालय में चार और विद्युत खंड प्रथम में पांच कर्मचारी अनुपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी सदर ज्योति सिंह ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड का निरीक्षण किया तो नौ कर्मचारी अनुपस्थित थे।
ब्लॉक कार्यालय में आठ कर्मी नदारद थे। उप जिलाधिकारी बीकापुर ने सीएचसी का निरीक्षण किया गया। जिसमें 24, उप जिलाधिकारी सोहावल द्वारा नगर पंचायत भरदसा का निरीक्षण किया गया जिसमें चार कर्मचारी अनुपस्थित मिले। उप जिलाधिकरी मिल्कीपुर से किए गए निरीक्षण में पांच कर्मचारी, मुख्य विकास अधिकारी प्रथमेश कुमार ने विकास भवन स्थित कई कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्हें 73 अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित मिले। बेसिक शिक्षा विभाग के निरीक्षण में डीडीओ हवलदार सिंहको सात कर्मी गैरहाजिर मिले। परियोजना निदेशक कमलेश सोनी पीडब्लूडी निर्माण में पांच कर्मचारी अनुपस्थित मिले।