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महिलाओं की योजनाओं में लापरवाही पर कमिश्नर ने जताई नाराजगी

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अयोध्या। कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने मंगलवार को महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं की समीक्षा की। कहा कि महिलाओं की जीवन स्तर को ऊपर उठाने में हर किसी को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मंडल के हर जनपद में विशेष प्रयास किए जाएं।
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कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पति के मृत्यु के बाद निराश्रित महिलाओं को सहायक अनुदान/पेंशन के समीक्षा में के दौरान कमिश्नर ने सभी से पूछा कि मंडल में इस योजना के एक लाख 65 हजार 923 लाभार्थी महिलाएं है।
इनमें से चालू वर्ष के दौरान चिह्नित व स्वीकृत लाभार्थी महिलाओं जिनकी संख्या 12 हजार 790 है। वित्तीय साल में पेंशन की प्रथम एवं द्वितीय किस्त मात्र एक लाख 34 हजार 649 महिला लाभार्थियों को भेजी गई। 18 हजार 484 महिला लाभार्थियों को पेंशन की कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई। ऐसा क्यूं् और ये महिला लाभार्थी कहां चली गई।
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सही जवाब नहीं मिला तो कहा कि मंडल व जिलों में आप लोगों के रहने का क्या फायदा है। संयुक्त निदेशक महिला कल्याण से कहा कि मुख्यालय जाकर कारणों का पता करें उनका निराकरण कराएं, शासन को मेरे तरफ से पत्र भिजवाएं। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी अयोध्या एवं बाराबंकी से पूछा कि अमेठी, अंबेडकरनगर व सुल्तानपुर में नए व पुराने सभी लाभार्थियों को दोनों किस्तें मिल गई है तो आपके जनपदों में क्यों नही प्राप्त हुई। दोनो अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा में त्वरित कार्रवाई की जरूरत है। बताया कि उक्त योजना के तहत मंडल के 42 हजार 970 आवेदन पत्र आनलाइन प्राप्त हुए और 24777 आवेदन निस्तारित हुए है।
उन्होंने 18 हजार 193 आवेदन पत्र लंबित होने पर नाराजगी जताई। निस्तारण के निर्देश के साथ उप निदेशक को आख्या प्रस्तुत करने को कहा। सबसे ज्यादा 9465 आवेदन पत्र जनपद सुल्तानपुर के लंबित होने पर उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी सुल्तानपुर से पूंछा क्यों न आपको प्रतिकूल प्रविष्ट दी जाए।
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