अयोध्या। अवधपुरी में संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा अयोध्या शोध संस्थान के सहयोग से दो दिवसीय झूलनोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां सराहनीय रहीं।
सावन झूला उत्सव के प्रथम दिवस की शुरूआत मिर्जापुर से पधारी राज्यस्त्री पुरस्कार प्राप्त ऊषा गुप्ता के कजरी गीत मैया झूला चलल झूलनवा, पवनवा चंवर डुलावेला.. से हुई। इसके बाद उन्होंने पिया मेहंदी लिया द मोती झील से...अबकी सावन झूलनी लगाय द पिया..आदि गीतों से सभी श्रोताओं को उत्साहित किया।
कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की प्रसिद्ध कलाकार जीजीआईसी लखनऊ की प्राचार्या कुसुम वर्मा ने सपनों में देखा रामजानकी.. सुनाया इसके बाद सपना सिंह एवं सुप्रिया तिवारी के साथ आरे राम रिमझिम परत फुहार..कजरी गीत पर लोकनृत्य प्रस्तुत किया। मुंबई से पधारे सुरेश, शीतला प्रसाद वर्मा, संत मिथिला बिहारी दास की प्रस्तुतियां भी सराहनीय रहीं।
झूलनोत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या का आगाज वाराणसी की प्रसिद्ध लोकगायिका रंजना राय ने कैसे खेले जयबे सावन मा कजरिया..की प्रस्तुति से किया। अयोध्या के प्रसिद्ध लोक गायक एवं भोजपुरी कलाकार विवेक पांडेय ने कजरी गीतों की श्रृंखला प्रस्तुत की तो सभी मंत्रमुग्ध हो गए।
हमीरपुर की डॉ. श्रेया के नेतृत्व में बच्चों द्वारा श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में.. आदि गीतों पर समूह नृत्य की प्रस्तुति की गई। बस्ती की रंजना अग्रहरि ने भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संयोजक अयोध्या शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी रामतीरथ ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन आरएम अयोध्या संदीप श्रीवास्तव प संचालन आकाशवाणी के देश दीपक मिश्र ने किया।