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तड़पता रहा घायल साधु, नहीं मिला इलाज

Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
Faizabad
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अयोध्या। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदनहीनता का मामला प्रकाश में आया है। जिला स्तरीय सुविधाओं से लैस राजकीय श्रीराम अस्पताल में घायल साधु इलाज के लिए घंटे भर तड़पता रहा। बाद में उसे जिला अस्पताल ले जाने को कहकर टरका दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही साधु की मौत हो गई। साधु को किसी टैंपो ने स्नान से लौटते वक्त सोमवार सुबह रामघाट हाल्ट रेलवे ओवरब्रिज के पास बाईपास पर टक्कर मार दी थी। इस बाबत साथी ने डीएम से शिकायत में कहा कि सुबह छह बजे साधु को श्रीराम अस्पताल ले जाने पर किसी भी चिकित्सक ने इलाज नहीं किया। साधु के घंटे भर तड़पने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने डॉक्टर के 10 बजे तक आने की बात कह जिला अस्पताल जाने के लिए कह दिया। मामले में डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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अयोध्या कोतवाली के वासुदेवघाट स्थित रामेश्वर धाम सोनादेवी मार्ग पर कुछ दिनों पूर्व गोरखपुर से आए 65 वर्षीय साधु भगवान दास रह रहे थे। सोमवार सुबह वह सरयू में स्नान कर वापस लौट रहे थे। रामघाट हाल्ट रेलवे ओवरब्रिज के पास बाईपास पर किसी टैंपो ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे वे घायल हो गए। हादसे के बाद साधु रामजी दास उन्हें लेकर श्रीराम अस्पताल पहुंचे, तो अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी साधु की ओर ध्यान नहीं दिया। अस्पताल में ही साधु के घंटे भर तड़पने के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इमरजेंसी में चिकित्सक के न होने और दस बजे तक आने की बात बताई। इसके बाद कर्मचारियों ने साधु को फैजाबाद अस्पताल ले जाने को कहा। घायल साधु ने फैजाबाद जिला अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने बताया कि सुबह लगभग छह बजे रामजी दास को घायल भगवान दास को लेकर पहुंचे थे, लेकिन इमरजेंसी में चिकित्सक नहीं थे। तैनात कर्मचारी से पूछा तो उसने कहा कि घायल का इलाज यहां नहीं होगा। घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पहुंचते ही भगवान दास की मौत हो गई। अगर चिकित्सकों ने समय से इलाज किया होता तो भगवान दास बच सकते थे।

डीएम को बताई अस्पताल की संवेदनहीनता
तुलसी स्मारक भवन में सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा व परिक्रमा मेले की तैयारी बैठक के दौरान साधु रामजी दास व हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने दुर्घटना में घायल साधु के प्रति स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनहीनता का दर्द सुनाया। पूरी घटना बताते हुए कहा कि सोमवार की सुबह दुर्घटना में घायल साधु की श्रीराम अस्पताल में इलाज न होने से मौत हो गई। डीएम अनिल ढींगरा ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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