फैजाबाद। अयोध्या के प्रसिद्ध कार्तिक मेले में श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में सिंचाई विभाग असमर्थ है। दरअसल, महकमे में इन दिनों ‘ठन-ठन गोपाल’ की स्थिति है। उसके पास स्नानघाटों पर रोशनी के इंतजाम कराने को बल्व लगवाने भर को भी पैसा नहीं है। अलबत्ता, जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्था सुलभ करा देेने के लिए संबंधित महकमों को अल्टीमेटम दे दिया है। डीएम के फरमान से अफसर मुसीबत में पड़े हैं। हालांकि अधिकारी बजट आ जाने की उम्मीद लगाए हैं।
अयोध्या का प्रसिद्ध कार्तिक पूर्णिमा मेला 31 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। सप्ताहभर तक चलने वाले इस मेले में दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सभी तरह की पर्याप्त व्यवस्थाएं सुलभ कराने के लिए सभी संबंधित विभागों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी है। जिलाधिकारी व मेला प्रभारी ने भी सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें कर मेले की शुरुआत से पहले सारी तैयारी मुकम्मल और चाक-चौबंद कर देने की ताकीद की है। जिन विभागों के पास बजट उपलब्ध है, उन महकमों ने अपने से संबंधित कार्य कराना शुरू कर दिया है। उधर सिंचाई महकमे के अधिकारी अभी सिर्फ जिला प्रशासन की मीटिंग ही अटेंड कर रहे हैं। विभाग की ओर से अभी कोई कार्य नहीं शुरू कराया गया है। इसकी वजह विभाग के पास मेला मद के लिए कोई बजट नहीं उपलब्ध होना है। जबकि जिलाधिकारी व अन्य अफसरों ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देकर मेला शुरू होने से पूर्व स्नानघाटों को रात में भी जगमग बनाने के लिए सभी पोलों पर बल्व लगाने, घाटों की जर्जर सीढ़ियों को दुरुस्त कराने और साफ-सफाई कराने आदि का आदेश दिया है। बजट न होने की स्वीकारोक्ति स्वयं विभाग के अधिकारी ही करते हैं। हालांकि उनका कहना है कि बिना बजट के भी किसी तरह इधर-उधर से व्यवस्थाएं कराई जाएंगी।