शुजागंज। क्षेत्र के लगभग चार दर्जन प्रतिमाओं का विसर्जन घाघरा के कैथी घाट पर होता है, मगर कटान से घाट सिमट गया है, बचे हिस्से की सफाई भी नहीं की गई। अभी तक घाट की सफाई न होने से दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों में आक्रोश है। जबकि प्रशासन की तरफ से इस संबंध मे दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं लेकिन पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान की लापरवाही से नवरात्रि के शुरू होने के दिन तक भी घाट पर कोई शुरुआत नहीं हो सकी है।
क्षेत्र के शंकरगढ, शहबाजपुर, रहीमगंज, शुजागंज, अल्हवाना, ममरेजनगर, निमतियापुर, दशरथमउ, गोसाई का पुरवा, पस्ता बरई , चिरैंधापुर, उधरौरा सहित लगभग दो दर्जन गांवों की प्रतिमाओं का विसर्जन कैथी घाट पर होता है, जिसमे हजारों की संख्या में मां के भक्त वहां पहुंचते हैं । बाढ़ में कटान की वजह से घाट का दायरा सिमट कर छोटा हो गया है, जो जमीन बची है उस पर गांव के लोगों द्वारा घाट के पास ही घूर के ढेर लगा अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे मूर्ति को घाट तक ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण समितियाें के सदस्याें डॉ प्रहलाद चन्द्र गुप्ता, रामतेज गुप्ता, परमानंद, बलराम गुप्ता, रामजीत यादव, बादल सिंह आदि ने प्रशासन से मांग की है कि घाट की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। शिव सेना के मंडल प्रमुख संतराम यादव ने प्रशासन को सचेत किया है कि प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर जरूरी तैयारियां समय रहते करवाएं।