इनायतनगर। देश में महिला अपराधों के प्रति एक ओर जहां कड़े कानून बनाने की वकालत हो रही है। शासन-प्रशासन भी दुराचार व छेड़खानी जैसे मामलों में कड़ी कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी कर रहा है, वहीं पुलिस के रवैये में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। ताजा मामला इनायत नगर थाना क्षेत्र का है। जहां किशोरी से रेप के मामले में पुलिस ने दबाव बनाकर थाने में समझौता करा दिया और आरोपी का शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया। मामले में शिकायत पर एसएसपी ने थानेदार को फटकार लगाई तो पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की। इस बीच आरोपी को शांतिभंग के मामले में एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई, मगर वहां निकलते ही पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
इनायतनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी 10 सितंबर को खेत जा रही थी। तभी क्षेत्र के ही मजनाई पूरे तोखा गांव निवासी अर्जुन (20) ने धमकाकर उससे दुराचार किया था। 11 सितंबर को किशोरी के परिवारीजनों ने थाने में अर्जुन के खिलाफ तहरीर दी। इस पर पुलिस ने अर्जुन को हिरासत में ले लिया मगर रिपोर्ट नहीं दर्ज की। सोमवार को पुलिस ने पीड़िता व उसके परिवारीजनों को थाने बुलाया और मामले में जबरन समझौता कराकर शांतिभंग में अर्जुन का चालान कर दिया। इस पर मंगलवार को पीड़िता के परिवारीजनों ने एसएसपी केबी सिंह से मुलाकात करके कार्रवाई की मांग की। दुराचार जैसे गंभीर मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय जबरन समझौता कराने की जानकारी पर एसएसपी ने थानेदार को जमकर फटकार लगाई और कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। इस पर पुलिस ने आनन-फानन अर्जुन के खिलाफ दुराचार व धमकाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की। मगर इस बीच शांतिभंग के मामले में एसडीएम मिल्कीपुर की कोर्ट से उसने जमानत करा ली। जमानत पर छूटते ही पुलिस ने अर्जुन को दोबारा दबोच लिया।
थानाध्यक्ष दीपन यादव का कहना है कि किशोरी के परिवारीजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी अर्जुन के खिलाफ दुराचार व धमकाने की रिपोर्ट दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। मगर मामले में जबरन समझौता कराने व आरोपी का शांतिभंग की धारा में चालान करने के सवाल पर थानाध्यक्ष टालमटोल करने लगे।