फैजाबाद। प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने चुनाव आयोग पर बरसते हुए कहा कि यह वही आयोग है जिसने मुझपर प्रतिबंध लगाया था, जबकि योगी को चेतावनी दे छोड़ रहा है। यह आयोग का दोहरा मापदंड है। आजम ने नाम लिए बिना कल्याण सिंह पर भी निशाना साधा, कहा, संविधान में नियम है कि सुप्रीम कोर्ट अथवा सीबीआई की चार्जशीट पर मुजरिम हुआ या सजायाफ्ता विधायक, मंत्री नहीं बन सकता। जबकि सुप्रीम कोर्ट से एक दिन की सजा पाए एक व्यक्ति को राज्यपाल बना दिया गया। ऐसा काम भाजपा ही कर सकती है।
नगर के राठ हवेली इमामबाड़ा में गुरुवार को निजी कार्यक्रम में आए आजम खां पत्रकारों से बातचीत में चुनाव आयोग द्वारा सांसद योगी आदित्यनाथ को चेतावनी देने के मामले पर तमतमा उठे। पूछा, मेरे मामले में क्या हुआ? मैने आखिर क्या कहा था? लेकिन मेरे ऊपर प्रतिबंध लगा दिया गया और योगी को सिर्फ चेतावनी? यह आयोग का दोहरा मापदंड नहीं, तो क्या है? ‘लव जेहाद’ पर कहा कि भाजपा मामले में राजनीति कर रही है। शाहनवाज और नकवी यह बात कहें तो सेक्युलर हो जाते हैं। क्या मुसलमान, मुसलमान बीवी को तलाक नहीं देता? यह कानूनी मामला है, राजनीतिक नहीं। भाजपा मामले में राजनीति न करे तो अच्छा है।
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने व राज्यपाल द्वारा अध्यादेश पुनर्विचार के लिए वापस करने के मामले में कहा कि राज्यपाल से इस मामले में कोई शिकायत नहीं है। मायावती के शासन में तो तीन-चार अध्यक्ष ऐसे थे जिन्हें यह दर्जा मिला था। अब पार्टी में विचार के बाद ही दुबारा इस पर कोई निर्णय होगा। भाजपा के पड़ोसियों से बेहतर संबंध की पहल पर कहा कि यह अच्छी बात है। सपा इसकी हमेशा पक्षधर रही है। जम्मू कश्मीर में त्रासदी और केंद्र की सहायता को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि क्या इस त्रासदी में भी आप राजनीति करना चाहते हैं? भाजपा-सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप को नूराकुश्ती कहे जाने पर कहा कि आप सीटी लेकर रेफरी बन जाइए।