अयोध्या। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी ने सरयू में हलचल मचानी शुरू कर दी है। सप्ताह भर से नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे होने वाली वृद्धि 24 घंटे के भीतर अचानक तेज हो गई है। इस दौरान जलस्तर में 33 सेंटीमीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि अभी भी सरयू का जलस्तर लाल निशान से 45 सेमी नीचे है लेकिन हाल यही रहा तो दो दिनों में नदी लाल निशान को पार कर जाएगी। जलस्तर में हो रही तेजी ने जिले में बाढ़ के खतरे की घंटी बजा दी है। इससे तटवर्ती इलाकों में कटान की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। जबकि तीन दिनों में यहां बारिश मात्र 35 मिमी रिकाॅर्ड की गई है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर सरयू में लगभग सप्ताह भर से दिख रहा था, लेकिन गिरिजा, शारदा व बनबसा बैराजों से लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी है। शनिवार को सरयू का जलस्तर शाम तीन बजे 91.950 मीटर पर था। 24 घंटे में नदी के जलस्तर ने 33 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की है। हालांकि सरयू अभी भी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 45 सेेंटीमीटर नीचे है। एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही नदी के बढ़ने की रफ्तार यही रही तो दो दिनों में सरयू लाल निशान को पार कर जाएगी, जिससे जिले में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाएगा। सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र समेत रुदौली व सोहावल के कछारीय इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे से हलचल शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार की शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 92.280 मीटर पर था, जबकि शनिवार की शाम चार बजे यह जलस्तर 91.950 मीटर पर रहा। अनुमान है कि सोमवार को जलस्तर सुबह आठ बजे तक 92.450 मीटर तक पहुंच जाएगा।