फैजाबाद। शासन से गठित हाई प्रोफाइल जांच समिति ने सोमवार को यहां पहुंचकर रानोपाली-मणिपर्वत सड़क मार्ग का निरीक्षण किया। इसके बाद सर्किट हाउस में बैठकर मंथन हुआ। रानोपाली से जाने वाली सड़क को बंद करके रेलवे लाइन के किनारे बनाने संबंधी प्रस्ताव पर टीम अपनी रिपोर्ट शासन में देगी। यह मांग उदासीन संगत ऋषि आश्रम की ओर से की गई थी। इसके बाद इसके विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए जांच टीम गठित की गई थी। सोमवार को प्रमुख सचिव राजस्व जय प्रकाश सागर, प्रमुख सचिव लोकनिर्माण विभाग की ओर से डॉ. अजय शुक्ल, डीएम डॉ. इंद्रवीर सिंह यादव, एडीएम प्रशासन, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग दोपहर यहां पहुंचे। अफसरों की टीम ने रानोपाली से अयोध्या को जाने वाली पूरी सड़क का निरीक्षण किया। इसको रेलवे लाइन की जमीन के किनारे-किनारे बनाए जाने की संभावना पर पड़ने वाले गाटों के और उनके क्षेत्रफल की जानकारी ली। साथ ही सड़क को रिप्लेस करने के दौरान इसके विनिमय के साथ मार्ग निर्माण कराने पर होने वाले खर्च के संबंध में भी जानकारी लेने की बात बताई गई है। अफसरों की टीम निरीक्षण के बाद सर्किट हाउस पहुंची। यहां इसके विनिमय के साथ नई सड़क के निर्माण में आने वाले विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। एडीएम प्रशासन एके सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि टीम ने निरीक्षण के बाद विचार विमर्श किया है।
इनसेट
इच्क्ष्वाकु वंश का इतिहास
संरक्षित करने की कवायद
वर्तमान समय में चल रहे रास्ते/सड़क को हटाकर आश्रम की ही खाली पड़ी भूमि पर फैजाबाद-अयोध्या रेलवे लाइन के किनारे बनाने के संबंध में आश्रम की ओर से पत्र दिया था। आश्रम के सरवराहकार अद्वैत मुनि, मुख्तार-ए-आम बाबा कल्याण दास ने बताया कि उन्होंने आश्रम के चारों ओर बाउंड्रीवॉल बनवाने के साथ इच्क्ष्वाकु वंश के राजाओं के इतिहास को संरक्षित करने और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी देने के लिए एक परियोजना को मूर्त रूप देने की बात कही है। प्रदेश शासन ने इसके लिए कमिश्नर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की थी। सोमवार को जांच के बाद अब इसके विभिन्न पहलुओं पर विचार के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।