फैजाबाद। लोकसभा चुनाव समाप्त होने के साथ ही बिजली आपूर्ति का सितम लोगों पर कहर बरपाने लगा है। भीषण गर्मी में दिन हो या रात शुरू हुई बेतहाशा कटौती से शहर से ग्रामीण क्षेत्रों में हाहाकार की स्थिति है। इस तपती गर्मी में जहां लोगों की नींद खराब हो रही हैं, वहीं पेयजल आपूर्ति की किल्लत भी शुरू हो गई है।
गर्मी शुरू होते ही बिजली आपूर्ति अपना रंग दिखाने लगी लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण जिले में आपूर्ति निर्धारित शेड्यूल पर रही। मतदान करीब आने के साथ बिजली लोगों को फील गुड का एहसास कराती रही लेकिन मतगणना के बाद बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बुरी तरह धड़ाम हो गया है। दो दिनों से बिजली की बेतहाशा कटौतियों शुरू हो गई है। हालात यह है कि सुबह की शुरुआत बिजली कटौती से होती है और मध्य रात्रि तक जारी रहती है। अयोध्या-फैजाबाद शहर में हो ही बिजली कटौती से लोग खासे परेशान हैं। दो दिनों के दौरान रात आठ बजे से साढ़े 11 बजे से अधिक समय तक जिला अंधेरे में डूब जा रहा है। स्थिति यह हो रही है कि लोग बिजली आने के इंतजार में सड़कों पर घूम रहे हैं। सुबह, शाम और रात में होने वाली कटौतियों से इस भीषण उमस भरी गर्मी में सुबह छह से सात बजे बिजली कटने और 10 से 11 बजे के बीच वापस लौटने पर पेयजल आपूर्ति के बाधित होने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। नागरिकों में पावर कॉर्पोरेशन से आपात कटौती को लेकर बेचैनी बढ़ने लगी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की स्थिति शहरी क्षेत्र से भी बुरी हो गई है। आपूर्ति का शेड्यूल तो सिर्फ कागजी बन गया है। सोहावल, मिल्कीपुर, बीकापुर सहित रुदौली तहसील क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में सात से आठ घंटे भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। जहां मिलती है वहां लो-वोल्टेज की समस्या झेलनी पड़ रही है। जर्जर लाइनों व उपकरणों के सहारे ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाकों में स्थानीय स्तर पर होने वाली खराबी से कई क्षेत्रों में घंटों के बजाए दिनों तक बिजली गुल हो जाना आम बात हो गई है। शहर से ग्रामीण इलाकों में बिजली की शुरू हुई आपात कटौती को लोग लोकसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत को भी कारण बता रहे हैं। बातचीत में लोग कह भी जाते हैं कि सपा को चुनाव में नकारने के कारण ही सरकार का कोप जनता को अब भुगतना पड़ रहा है।