फैजाबाद। मां व बच्चे की सुरक्षा के लिए डब्ल्यूएचओ के मॉनिटर्स की रिपोर्ट काल्पनिक निकली है। सीएमओ कार्यालय और डब्ल्यूएचओ के एसएमओ की एक ही बिंदु की रिपोर्ट में भारी अंतर मिला है। सीडीओ ने इस पर दोनों अधिकारियों से जवाब-तलब किया था। पता चला है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा भेजी गई सभी रिपोर्ट कल्पनाओं पर तैयार की गई है। इसके खिलाफ प्रतिरक्षण अधिकारी ने शासन को पूरी रिपोर्ट भी भेज दी है।
टीकाकरण पर तैयार कार्य योजना की रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले सीडीओ को सौंपी थी। सीडीओ अखंड प्रताप सिंह ने बिंदुवार वार्ता शुरू की। वार्ता स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के पल्ले नहीं पड़ी। वर्ष 2012 तथा 2013-14 की रिपोर्ट में काफी अंतर मिला। सीएचसी सोहावल के अधीक्षक डॉ. एके शुक्ल और सीएचसी मसौधा के अधीक्षक डॉ. जीसी पाठक ने रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराई। दोनों चिकित्सकों का कहना था कि इस रिपोर्ट के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ के मॉनिटरों ने कैसे तैयार की? इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। संस्थान का कोई मॉनिटर अस्पताल तक आया नहीं। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों को काल्पनिक रिपोर्ट तैयार करने के बजाए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से समन्वय बनाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरके देव ने शासन को मामले से अवगत करा दिया है। बताया कि रिपोर्ट रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशालय और अपर निदेशक को भेज दी गई है।