अयोध्या। जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी ने देर शाम बताया कि प्रतिबंधित 84 कोसी परिक्रमा निकालने के आरोप में सरयू तट पर गिरफ्तार विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया, पूर्व सांसद डाॅ. राम विलास दास वेदांती और पूर्व मंत्री लल्लू सिंह को फैजाबाद से जिला कारागार एटा भेज दिया गया है। बाकी बचे 622 गिरफ्तार लोगों को लखनऊ मंडल कारागार स्थानांतरित कर दिया गया है। यहां मंडल कारागार में जगह नहीं है, जबकि अस्थायी जेलों में व्यवस्था नहीं हो पा रही है। निषेधाज्ञा तोड़ने में गिरफ्तार सभी लोगों को 14 दिन के लिए जेल भेजा गया है। बताया कि रूट डायवर्जन समाप्त होने के साथ ही लखनऊ से गोरखपुर हाईवे भी देर शाम खोल दिया गया। इसी के साथ फंसे हजारों ट्रकों का आवागमन शुरू हो गया है। लेकिन अयोध्या की किलेबंदी बरकरार रहेगी। शासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा घेरा और पेट्रोलिंग समेत परिक्रमा समर्थकों पर कार्रवाई करने में किसी भी तरह की ढील नहीं देने का आदेश दिया है। एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि पैरा मिलेट्री, पीएसी समेत पूरा सुरक्षा दस्ता यथावत रखा गया है।
अयोध्या की किलेबंदी से रविवार को सुबह से लेकर देर रात तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां बाहरी श्रद्धालुओं से ही रौनक रहती है जबकि सीमाएं सील करके पूरे दिन किसी को आने की इजाजत नहीं दी गई। इसका असर यह रहा कि मंदिर, मठों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि सरयू तट की खामोशी शाम की आरती ने तोड़ी। लोगों में अयोध्या की किलेबंदी जल्द से जल्द समाप्त करने की बेचैनी है ताकि उनकी रोजी-रोटी और जिंदगी पटरी पर आ सके। डीएम वीके द्विवेदी ने अयोध्या वासियों को आश्वस्त किया है कि सोमवार को स्कूल-कॉलेज नियत समय पर खुलेंगे। रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य रहेगी। एसएसपी केबी सिंह ने कहा कि यातायात बहाल करने के लिए संबंधित हाईवे से सटे थानों को निर्देश दे दिए गए हैं। बैरियर खोल दिए गए हैं। वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है लेकिन अयोध्या में एहतियातन सुरक्षाबलों की तैनाती कायम रहेगी। शासन से आए दो एसपी, 23 डीएसपी, 400 एसआई, 200 इंस्पेक्टर, 1500 सिपाहियों समेत आरएएफ व पीएसी की 14 कंपनियां निर्धारित स्थानों पर तैनात रहेंगी। परिक्रमा रोके जाने के बाद संबंधित संगठनों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर है।