फैजाबाद। करीब आठ महीने बाद एक बार फिर स्टेशन पर मालगाड़ी का एक डिब्बा बेपटरी हो गया। 42 डिब्बों वाली इस गाड़ी में चावल लदा था और लखनऊ से आजमगढ़ जा रही थी। हादसा स्टेशन की लाइन संख्या आठ (वाशिंग लाइन के पूर्वी इंड) पर रात 12:45 बजे के करीब हुआ। डबल इंजन के ठीक पीछे दुर्घटनाग्रस्त हुए मध्य रेलवे के डिब्बा नंबर बीसीडब्ल्यूए-943503 को यहीं छोड़ 41 डिब्बों के साथ ट्रेन को सुबह 5:25 बजे आजमगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया। इस लाइन पर नए सिरे से मरम्मत का काम चल रहा है। हादसे का मूल कारण तो जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन अनुमान है कि पटरियों को बदलने के लिए गिराए गए सीमेंट के स्लीपर या किसी मोटे लोहे में फंसने से घटना हुई है। इसकी रगड़ से घटना स्थल से करीब 140 मीटर तक पटरी के उत्तरी सिरे पर नाली बनती चली गई है। उतरे पहियों से कुछ घंटों पहले बिछे सीमेंट के करीब 20 स्लीपर कट गए हैं। लखनऊ से रात में ही डीईएन-5 मनीष शर्मा, एएमई सी एंड डब्ल्यू अनंतलाल, सीनियर डीएसओ डीके चौधरी और दूसरे अधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लिया और पूछताछ की है। सूत्र बताते हैं हादसा जिस समय हुआ, उस दौरान ट्रेन कासन पर 15 किमी की गति से गुजर रही थी। कंट्रोल से सूचना पाकर रात में 12:55 बजे स्टेशन अधीक्षक अतुल श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूआई आरके वर्मा मौके पर पहुंचे। रात एक बजे गाड़ी गिरने का हूटर बजा तो दूसरे अधिकारी पीडब्ल्यूआई सुदर्शन सिंह, पीडब्ल्यूआई अंजुम मुख्तार खां, एआरटी कर्मी आदि पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद मालगाड़ी को पटरी पर चढ़ा दिया। लखनऊ के अधिकारियों के निरीक्षण के बाद मालगाड़ी को सुबह 5:25 बजे आजमगढ़ भेज दिया गया। जांच के लिए दुर्घटनाग्रस्त डिब्बे को माल गोदाम पर खड़ा कर दिया गया है। लखनऊ से आए सभी अधिकारी सुबह सात बजे वापस हो गए।