रायबरेली। सूबे के मुखिया अखिलेश यादव के ऋण माफी के ऐलान से एक बार फिर किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। उनके इस ऐलान से जिले के करीब पांच हजार किसानों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि शासन से आदेश आने के बाद ही इसे हरी झंडी मिलेगी। अधिकारियों को शासन के पत्र आने का इंतजार है। इधर, किसानों को उम्मीद है कि सरकार अपना वादा पूरा जरूर करेगी।
विधानसभा चुनाव में सपा ने घोषणापत्र में किसानों का 50 हजार रुपये तक का ऋण माफ किए जाने की बात कही थी। सपा की सरकार बनी। किसानों को उम्मीदें बंधी कि उनका ऋण माफ हो जाएगा। सरकार के गठन के कई महीने बाद ऋण माफ नहीं हुआ तो किसानों की आस टूटने लगी। वह निराश थे कि अब शायद उनका ऋण माफ नहीं होगा। ऋण अदायगी के लिए अधिकारी और कर्मचारी भी दबाव बनाने लगे। गुरुवार को सूबे के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने पिता एवं सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर ऋण माफ किए जाने की घोषणा की तो एक बार फिर अन्नदाताओं की उम्मीदों पर पंख लगे। सीएम के फैसले से किसान खुश हैं। बताते हैं कि जिले में भूमि विकास बैंक के करीब पांच हजार किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिल सकता है। अन्य बैंक की शाखाओं को इसका लाभ अब तक के दिशा-निर्देशों के आधार पर मिलना संभव नहीं लग रहा है। सूत्र बताते हैं कि शासन से घोषणा तो कर दी गई, लेकिन अब तक दिशा-निर्देश नहीं आया है।
बैंक के अधिकारियों की बात को सही माने तो पिछले जून माह से एक ओर जहां ऋण धारकों ने ऋण जमा करना बंद कर दिया है, वहीं बैंकें भी ऋण माफी के चक्कर में वसूली नहीं कर पा रही हैं। हालांकि बैंक अफसर 50 हजार से अधिक वाले ऋण धारकों पर दबाव बनाए हुए हैं।