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बीपी, हाईपर टेंशन व कैंसर के मरीजों की होगी स्क्रीनिंग

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1.76 करोड़ से 44 आरोग्य केंद्रों की शुरू हुई स्थापना
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अयोध्या। टीकाकरण और मातृत्व लाभ की जांचों तक ही सीमित रहने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र बहुत जल्द नए रूप में नजर आएंगे। इन केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आरोग्य केंद्र) के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

जहां सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ अफसर) की नियुक्ति के बाद बीपी, हाईपर टेंशन व कैंसर के मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रथम चरण में जिले के 30 उपकेंद्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व तीन अरबन स्वास्थ्य केंद्रों पर इनकी स्थापना के लिए 1.76 करोड़ की धनराशि निर्गत की गई है। इसे किसी भी दशा में जुलाई से प्रारंभ किया जाएगा।
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जिले के ग्रामीणांचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 246 उपकेंद्र खोले गए हैं।

सीएचसी-पीएचसी सहित स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधन व विशेषज्ञों की कमी होने से ग्रामीणों को इसका लाभ समय पर नहीं मिल पाता है। वहीं उपकेंद्र भी महज टीकाकरण व मातृत्व लाभों तक ही सीमित रह गए हैं और सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही खोले जाते हैं।

अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन केंद्रों को हाईटेक करके बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है। इन उपकेंद्रों पर भी मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ तमाम सहूलियतें बढ़ाने की कवायद स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है।

इसके लिए प्रथम चरण में जिले के 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन अरबन स्वास्थ्य केंद्र व 30 उपकेंद्रों को हाईटेक करने के लिए चयनित किया गया है। जहां हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आरोग्य केंद्र) खोला जा रहा है।

उपकेंद्रों पर पांच लाख की लागत से एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लैब व साजो-सामान के लिए दो-दो लाख की धनराशि निर्गत की गई है। आरोग्य केंद्रों का निर्माण होने के बाद तमाम बेहतर सुविधाएं यहां संचालित की जाएंगी।

सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर छह माह का ब्रिज कोर्स कर चुके सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ अफसर) की तैनाती की जाएगी। जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एमबीबीएस चिकित्सक ही कार्यभार संभालेंगे।

शासन द्वारा जारी नीति के अनुसार आरोग्य केंद्र पर सात प्रकार की सेवा बढ़ाने की योजना है। इसमें गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक सेवाएं, संचारी रोगों का प्रबंध, बाह्य रोगियों के साधारण बीमारियों का उपचार और गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

इन सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए उपकेंद्र पर अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, रंगाई-पुताई, लैब की स्थापना के साथ ही उसके उपकरण और दवाएं भी बढ़ाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अन्य कमियों को भी दुरुस्त किया जाएगा।

इसके संचालन से पूर्व आशा बहू और एएनएम फेमिली फोल्डर सीबैक फॉर्म पर घर-घर जाकर लोगों का विवरण भरेगी। जिसकी एएनएम द्वारा ऑनलाइन फीडिंग की जाएगी। इसके बाद बीपी, हाइपर टेंशन व कैंसर मरीजों की भी संदिग्ध मिलने पर ऑनलाइन स्क्रीनिंग की जाएगी।

मरीजों में संबंधित बीमारी पता चलने पर इलाज के लिए स्वास्थ्य इकाई से संबंधित स्थल पर भेजा जाएगा। डीसीपीएम अमित कुमार ने बताया कि तीन प्रकार के कैंसर क्रमश: ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व गर्भाशय कैंसर की स्क्रीनिंग पांच वर्ष में एक बार होगी।
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जबकि बीपी व हाइपर टेंशन की स्क्रीनिंग साल में एक बार होगी। आरोग्य केंद्रों का निर्माण होने के बाद आशा बहुएं व एएनएम को प्रशिक्षित किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 24 आरोग्य केंद्रों की स्थापना की जा रही है। जहां बीपी, हाइपर टेंशन व कैंसर के मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

साथ ही तमाम सेवाओं को और बेहतर किया जाएगा। इसके लिए 1.76 करोड़ की संयुक्त धनराशि निर्गत की गई है। जुलाई से इनका संचालन करने का निर्देश दिया गया है।
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