सोनवा के जंगल में तेंदुआ आने से 28 गांवों में दहशत
अयोध्या। रुदौली तहसील के सैदपुर इलाके में सोमवार रात बाघ आया... का शोर शुरू हुआ तो देखते ही देखते सोनवा के जंगल से सटे 28 गांवों के लोगों में दहशत फैल गई। लाठी-डंडा व आग जलाकर लोगों ने दहशत के साए में रात गुजारी। वन विभाग की पांच टीमों ने देर रात से ही कॉम्बिंग शुरू कर दी। वन अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को मिले पगचिह्न से तेंदुआ की पुष्टि हुई है।
सोनवा के जंगल में यह वन विभाग की गणना में भी है। उधर, क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव से ग्रामीणों ने वनक्षेत्र की बैरिकेडिंग कराने की मांग की है। मवई ब्लॉक के अंतिम छोर अमानीगंज ब्लॉक की सीमा पर स्थित सैदपुर ग्राम पंचायत के सधई पुरवा गांव में सोमवार रात जंगली जानवर देखे जाने का दावा करते हुए गांव निवासी साधू व वैद्यनाथ ने बताया कि रात घर वापस जाते वक्त अचानक बाघ देखा।
शोर मचने के बाद ग्रामीणों इकट्ठा हुए और जानवर का पीछा किया, लेकिन वह गन्ने के खेतों में छुप गया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिनेश पांडेय ने इसकी सूचना एसडीएम रुदौली व वन विभाग को दी। मौके पर वनकर्मी राकेश श्रीवास्तव, फैयाजुल व राज बहादुर पहुंचे और खेतों में कॉम्बिंग की, लेकिन बाघ का कहीं पता नहीं चल पाया। ग्रामीण पूरी रात रतजगा को मजबूर रहे।
वहीं देर रात रुदौली विधायक रामचंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे और वन विभाग के अधिकारियों से वार्ता की तो मवई सेक्सन के फारेस्टर नरेंद्र को भी सैदपुर भेजा गया। मंगलवार सुबह ग्रामीणों के साथ वन विभाग की पांच टीमों ने दोबारा कॉम्बिंग की तो एक तेंदुए के पगचिह्न मिले। प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि उक्त जानवर तेंदुआ है।
जो सोनवा के जंगलों में स्थाई तौर पर रहता है। वह वन विभाग की गणना में है। वन विभाग की पांच टीम लगातार कॉम्बिंग कर रही है। सुबह तेंदुए की लोकेशन सैदपुर-बिहारा के जंगल में मिली है, उसे जंगल की तरफ भेजने का प्रयास किया जा रहा है। डीएफओ डॉ. रवि कुमार सिंह ने ग्रामीणों से अपील की है कि वो रात होने पर घर से अकेले नहीं निकले। इसके अलावा मवेशी को जंगल में नहीं भेजे व छोटे जानवर बकरी आदि घर के अंदर बांधे। उन्होंने रात में घर के सामने आग जलाने व प्रकाश करने की अपील की।