रेत पर राम की अनुकृति उकेरेंगे सुदर्शन पटनायक
अयोध्या। रामनगरी में 4 से 6 नवंबर तक होने जा रहे दीपोत्सव को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए शासन-प्रशासन के साथ रामनगरी पूरी शिद्दत से जुटी हुई हैं। इस वर्ष दीपोत्सव विभिन्न आयोजनों का गवाह भी बनेगा।
कई प्रख्यात कलाकार दीपोत्सव में शामिल होने आ रहे हैं। इसी क्रम में भारत के प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक भी दीपोत्सव के दौरान अपनी अंगुलियों का जादू दिखाएंगे।
वे रामकथा संग्रहालय में रेत पर भगवान राम की अनुकृति के जरिए दीपोत्सव को भव्यता प्रदान करेंगे। सुदर्शन पटनायक शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
‘अमर उजाला’ से बात करते हुए सुदर्शन पटनायक ने कहा कि अयोध्या दिल को छू गई। यहां की धरती से एक आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। रेत पर भगवान राम की अनुकृति बनाने के सवाल पर कहा कि भगवान को कौन आकार दे सकता है।
भगवान स्वयं आकार ग्रहण करते हैं। कहा कि रामजन्मभूमि पर भगवान राम की अनुकृति बनाना गौरव का विषय है। उन्होंने योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी कला और कलाकार को प्रोत्साहन देने के लिए तत्पर रहते हैं।
दीपोत्सव जैसे आयोजन से रामनगरी की गरिमा में वृद्धि होगी। सुदर्शन पटनायक ने युवाओं को राम संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता जताई। कहा कि आज का युवा डिजिटल दुनिया की तरफ आकर्षित है, लेकिन उसे अपनी संस्कृति और परंपरा का भी भान होना चाहिए।
कला वह माध्यम है जो पूरी दुनिया को अपनी संस्कृति से जोड़ने में सहायक साबित होती है। युवा पीढ़ी को राम के आदर्शों से जोड़ने की महती आवश्यकता है। पटनायक दुनिया भर के 50 से ज्यादा देशों में रेत मूर्तिकला प्रतियोगिताओं में शिरकत कर चुके हैं।
इनमें से 27 में उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया है। अमेरिका, रूस, जर्मनी, कनाडा, चीन, कोरिया जैसे देशों में वे अपनी अंगुलियों का हुनर दिखा चुके हैं। उनको कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2014 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।