शिक्षकों ने स्कूल में लगाया ताला
- कभी भी ढह सकता है गिराने की अनुमति नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो
हैदरगंज। धर्मशाला की जर्जर छत गिरने से प्राथमिक हैदरगंज विद्यालय प्रथम के शिक्षक भी दहशत में आ गए। उन्होंने विद्यालय के तीन जर्जर कमरों में ताला बंद कर दिया है।
खंड शिक्षा क्षेत्र तारुन के प्राथमिक विद्यालय हैदरगंज प्रथम के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार ने बताया कि तीन कमरों में चलने वाले इस विद्यालय के भवन का निर्माण 1867 में हुआ था। वर्तमान में इसकी हालत खराब है। छत जर्जर है। दीवारों में दरार आ गई है। कहा कि इस भवन को गिराने के लिए कई बार लिखा-पढ़ी की गई लेकिन अनुमति नहीं मिली है। गुरुवार को पुराने धर्मशाला की छत गिरने से विद्यालय की छात्र-छात्राएं व शिक्षकों में भय व्याप्त हो गया और पुराने विद्यालय भवन में ताला बंद कर दिया और पास के ही एक भवन में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।
सहायक अध्यापक डॉ. प्रदीप कुमार, दिलीप कुमार, नरेंद्र पांडे, बबीता सिंह, आशा पांडे, शकुंतला आदि का कहना है कि विभाग पुराने भवन को गिराकर भविष्य की संभावित आपदाओं को टाल सकता है। बच्चों के अभिभावकों सहित व्यापार मंडल के अध्यक्ष उपेंद्र दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र मिश्रा, शिवराम, हरीराम, हरीश, आरपी दुबे आदि ने प्रशासन से जर्जर भवन को गिराने की मांग की है।