गुमनामी बाबा के सामान की दीर्घा सजकर तैयार
अयोध्या। गुमनामी बाबा के अब कुछ हद तक गुमनामी के भंवर से उबरने की उम्मीद जग गई है। उनसे जुड़ी अनेक जानकारियों के अब सार्वजनिक होने की उम्मीद प्रबल हो गई है। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में गुमनामी बाबा के सामान की प्रदर्शनी जून माह से जनता के सामने आने की संभावना है। ध्यान रहे कि पहले 1 जनवरी 2018 को इसका लोकार्पण होना था, लेकिन नहीं हो सका। कुछ दिन बाद एलान किया गया कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से प्रदेश की जिन चुनिंदा योजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उनमें से एक यह दीर्घा भी होगी, लेकिन यह एलान भी अधर में लटक गया। बताया गया कि दीर्घा में एयरकंडीशनर एवं प्रदर्शित वस्तुओं के साथ उनकी परिचय पट्टिका न होने होने से लोकार्पण संभव नहीं हो सका। फिलहाल अब तैयारी पूर्ण हो चुकी है, अगले एक सप्ताह के भीतर लोकार्पण की तिथि नियत की जा सकती है तथा उम्मीद है कि प्रदर्शनी जून माह से जनता के सामने होगी।
गुमनामी बाबा करीब तीन दशक से पहेली बने हुए हैं। गुमनामी बाबा सिविल लाइंस स्थित ठाकुर गुरूदत्त सिंह की कोठी रामभवन में गोपनीय रूप से रहे थे। 16 सितंबर 1985 को उनके निधन के बाद उनके कमरे से जो मिला वह अचंभित कर देने वाला था। बाबा के कमरे से मिली कई सामग्रियां उनके खास होने की कहानी बयां कर रहीं थी। इसी के बाद यह बात चर्चा में आई कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे। बाबा के कमरे से मिली नेताजी के परिवार की कई तस्वीरें, आजाद हिंद फौज के कमांडर की वर्दी समेत अन्य कई सामान उन्हें नेताजी साबित कर रहे थे। यहां से मिले सामानों को हाईकोर्ट के निर्देश पर शासकीय कोषागार में संरक्षित करने का आदेश दिया गया। सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय विचार केंद्र के अध्यक्ष की भूमिका में लंबे समय से गुमनामी बाबा की सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रहे शक्ति सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट ने जनवरी 2013 में प्रदेश सरकार को बाबा की वस्तुओं को संग्रहालय में संरक्षित-प्रदर्शित करने और बाबा की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच आयोग के गठन का आदेश दिया था।
जनता के समक्ष होंगी बाबा की 425 वस्तुएं
रामकथा संग्रहालय में गुमनामी बाबा के सामानों की प्रदर्शनी लोकार्पण को तैयार है। अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में गुमनामी बाबा के सामानों की प्रदर्शनी के लिए दो आर्ट गैलरियां बनाई गई हैं। 60 गुणे 40 फीट की दो दीर्घा में 24 शोकेस शिफ्ट किए गए हैं। जिसमें बाबा की 425 वस्तुएं प्रदर्शित की गई है। फैजाबाद के रामभवन से मिली बाबा की करीब 32 सौ वस्तुओं में से 425 सामान को अयोध्या के रामकथा संग्रहालय में संरक्षित किया गया है। इन सामानों में टाइप राइटर, रिकॉर्ड प्लेयर, पूजन सामग्री, बाबाजी का अस्थि कलश, करेंसी, टेप रिकॉर्डर, सिगार एवं सिगरेट, विदेशी दूरबीन, चश्मा, घड़ी, माला, कमंडल सहित अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत एवं बंग्ला भाषा की तीन सौ से अधिक पुस्तकें भी शामिल हैं। इन सामान के अतिरिक्त रामभवन से करीब 27 सौ अन्य सामग्रियां भी बरामद हुई थीं, जिन्हें जिला कोषागार के डबल लॉक में रखा गया है।
संग्रहालय में बाबा के सामानों की दो दीर्घा सजकर तैयार है। सारे कार्य पूर्ण हो चुके हैं। गैलरियों में सामानों को सेट कर दिया गया है। जून के पहले सप्ताह में सामानों की प्रदर्शनी खुल जाएगी, शीघ्र ही लोकार्पण की तिथि भी नियत की जा सकती है।- योगेश कुमार, उपनिदेशक रामकथा संग्रहालय।