फैजाबाद। नगर निगम अयोध्या में वार्डों के परिसीमन ने निकाय चुनाव की गणित को बिगाड़ दिया है। निगम में कोई भी वार्ड टूटने से नहीं बचा है।
ऐसे में निकाय चुनाव के सियासी दिग्गजों को अपना बना बनाया क्षेत्र छोड़कर नए सिरे से जमीन तलाशनी पड़ सकती है। नगर निकाय चुनाव नवबंर में कराए जाने की तैयारी है।
नगर निगम अयोध्या बनने के साथ ही इसके वार्डों का भी नए सिरे से परिसीमन किया गया। इस पर आपत्तियां मांगी गईं। इनका निस्तारण करने के बाद अब इन वार्डों की नई मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया गया।
अब इसी के आधार पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया जा रहा है। नगर पालिका फैजाबाद व अयोध्या को मिलाकर नगर निगम अयोध्या के वार्डो का परिसीमन किया गया है।
नगर पालिका फैजाबाद में कुल 29 वार्ड और अयोध्या में 25 वार्ड थे। निगम में कुल 60 वार्र्डं हैं। अयोध्या पालिका क्षेत्र में 25 में 15 वार्ड बनाए गए तो फैजाबाद के 29 वार्डों से 45 वार्ड बनाए गए।
इसके सृजन में एक भी पुराना वार्ड नहीं रह गया है। सभी के क्षेत्रों में जोड़ घटाव हुआ है। पालिका की मतदाता सूची के हिसाब से नगर निगम में मतदाताओं की संख्या 186253 है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सूर्य भान बताते हैं कि परिसीमन के बाद निगम में 60 वार्ड बनाए गए हैं। इनकी मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया जा रहा है।
चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी सरगर्मी भी बढ़ रही है। पार्षद बनने की इच्छा रखने वाले संभावित उम्मीदवारों के बीच भी हलचल है।
बने बनाए क्षेत्र टूटने और नए क्षेत्रों के जुड़ने से उनका चुनावी गणित गड़बड़ा गया है। कई पुराने दिग्गज दूसरे क्षेत्रों से भाग्य आजमाने की भी तैयारी में बताए जा रहे हैं, लेकिन उनको पुराने क्षेत्रों से ज्यादा नए क्षेत्रों में कसरत करनी पड़ रही है।
फैजाबाद और अयोध्या में पिछले कई निकाय चुनाव लड़ते आ रहे दिग्गजों के क्षेत्र भी इसमें शामिल हैं।