अयोध्या के रघुकुल रेस्टोरेंट में मिली थी लाश
फैजाबाद। सोने की चेन व 20 हजार रुपये दहेज में नहीं मिलने पर नवविवाहिता की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति व सास-ससुर को दोषी पाते हुए जेल भेज दिया। सजा के प्रश्न पर सुनवाई 18 सितंबर को होगी। फैसला अपर जिला जज सुरेश चंद्र आर्य की कोर्ट से हुआ।
एडीजीसी कालिका प्रसाद सिंह ने बताया कि, गोंडा के तरबगंज थाने के सरावां गांव निवासी छांगुर प्रसाद ने अपनी बहन माला गुप्ता की शादी 20 जून 2014 को गोंडा के ही उमरी बेगम थाना क्षेत्र के अमदही गांव निवासी लल्लू पाल उर्फ अनुराग गुप्ता से की थी।
शादी में छांगुर ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया लेकिन ससुराल वाले उससे संतुष्ट नहीं हुए और दहेज में सोने की चेन व 20 हजार रुपये कैश की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर पति लल्लू उर्फ अनुराग, सास प्रेमा देवी व ससुर पारसनाथ ने योजनाबद्ध तरीके से माला गुप्ता की हत्या कर दी।
19 फरवरी 2015 को लल्लू उर्फ अनुराग लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में बीए में प्रवेश कराने के बहाने माला को लेकर घर से निकला था। उसी दिन माला की लाश अयोध्या के रघुकुल रेस्टोरेंट में मिली थी।
माला के भाई ने पति व सास-ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को दहेज के लिए प्रताड़ित करने व दहेज हत्या का दोषी पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।