अयोध्या। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के महंत नरेंद्र गिरि के राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान पर संत-धर्माचार्यों ने नाराजगी जताई है। उनके बयान को लेकर संत सहमत नहीं दिख रहे हैं। राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी को लेकर संत आक्रोशित जरूर हैं, लेकिन उन्हें अभी भी उम्मीद है कि राम मंदिर का निर्माण भाजपा ही करा सकती है। संतों का कहना है कि संघ, विहिप व भाजपा देश में हिंदू जनमानस को संगठित करने का कार्य कर रही हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने भी नरेंद्र गिरि के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि विहिप की ओर से धर्म संसद में लिए गए निर्णयों का हमेशा क्रियान्वयन होता रहा है। कारसेवा, शिलापूजन, रामसेतु मुद्दे से लेकर बाबरी विध्वंस तक के निर्णय धर्म संसद के ही थे। वहीं, मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने ऐसी बयानबाजी पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो ऐसे बयानों से केवल माहौल ही खराब होगा।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने राम मंदिर को लेकर दिए बयान में कहा था कि भाजपा राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहती है। उन्होंने आरएसएस व विहिप की भी मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विहिप की धर्म संसद से कोई हल नहीं निकलेगा। अखाड़ा परिषद ने कुंभ के बाद एक लाख नागा साधुओं के साथ राम मंदिर के लिए अयोध्या कूच का भी एलान किया है।
भाजपा ही बनवाएगी मंदिर : महंत कमलनयन
रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत कमलनयन दास ने कहा कि संत समाज के निर्देशन में विहिप, संघ व विहिप काम करती है, इसलिए उसकी मंशा पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। कहा कि संतों को बांटने का कुचक्र रचा जा रहा है। हम मंदिर निर्माण में हो रही देरी से चिंतित जरूर हैं, लेकिन यह भी तय है कि राम मंदिर का निर्माण भाजपा ही कराएगी। उम्मीद है कि मोदी काल में ही मंदिर बन जाएगा।
किसी राजनीतिक पार्टी से प्रेरित हैं नरेंद्र गिरि : महंत कन्हैयादास
संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास रामायणी ने पीएम मोदी व सीएम योगी पर भरोसा जताते हुए कहा कि किसी अन्य सरकार में राम मंदिर नहीं बन सकता। कहा कि नरेंद्र गिरि किसी राजनीतिक पार्टी से प्रेरित होकर भाजपा व विहिप पर उंगली उठा रहे हैं। संतों के नेतृत्व में विश्व हिंदू परिषद मंदिर के लिए लगातार आंदोलन करती रही है। मंदिर निर्माण में भी विहिप व भाजपा का ही अहम योगदान होगा।
बयानबाजी से नहीं होगा मंदिर निर्माण : सत्येंद्र दास
अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्थगन आदेश है। नागाओं के आने से नहीं, बल्कि कोर्ट के आदेश से राम मंदिर का निर्माण होगा। ऐसी बयानबाजी से मंदिर नहीं बनेगा, कोई लाभ नहीं है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष हैं कुछ भी कहें, लेकिन जो भी करें व नियम-काननू के दायरे में हो। सरकार भी पहले कह चुकी है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही कुछ होगा। राम मंदिर निर्माण के लिए सभी को कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा करनी होगी।
धर्मसंसद के निर्णयों का होता रहा क्रियान्वयन : विहिप
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि नरेंद्र गिरि को यह समझने की जरूरत है कि विहिप के धर्मसंसद के निर्णयों का हमेशा क्रियान्वयन होता रहा है। कारसेवा, शिलापूजन, रामसेतु के मुद्दे से लेकर बाबरी विध्वंस तक धर्म संसद के निर्णय का ही परिणाम हैं। कहा कि अब अयोध्या कूच करने की नहीं, बल्कि राममंदिर निर्माण करने की जरूरत है। विहिप राम मंदिर निर्माण का वातावरण बनाने में जुटी है।
मामला सुप्रीम कोर्ट में, बयानबाजी से खराब होगा माहौल : इकबाल
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। हाईकोर्ट के फैसले से ही मंदिर या मस्जिद का निर्माण होगा। ऐसे में लाखों लोगों के साथ अयोध्या कूच करने जैसी बयानबाजी से महज अयोध्या का माहौल ही खराब होगा। अखाड़ा परिषद क्या करने जा रही है, शांति व्यवस्था बनी रही। इस ओर ध्यान देने का काम सरकार का है, सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी है।