अयोध्या। बिजली के खंभे से गिरकर सिंचाई विभाग ठेका कर्मी की मौत को लेकर परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव कौशल्याघाट स्थित परिक्रमा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।
घंटों प्रदर्शन के बाद शाम करीब पौने छह बजे अयोध्या के रेजिडेंट मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने मौके पर पहुंच लापरवाही के जिम्मेदार लोगों की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही।
उन्होंने चार माह का बकाया वेतन और मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। इससे पहले बुधवार देर रात तक परिवारीजनों समेत सैकड़ों लोगों ने कोतवाली अयोध्या का घेराव कर विभागीय ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई व मुआवजे की मांग की थी।
बुधवार को अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के नयाघाट चौकी अंतर्गत चौधरी चरण सिंह पार्क के पास खंभे पर कार्य करते हुए गिरकर 23 वर्षीय मिथिलेश मांझी मछुआना राजघाट अयोध्या की मौत हो गई थी।
मृतक के पिता खुशीराम मांझी ने अयोध्या कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मिथिलेश संविदा कर्मचारी के तौर पर ठेकेदार के अंडर में सरयू नहर खंड के सरकारी विद्युत पोल पर काम कर रहा था।
बुधवार शाम लगभग पांच बजे वह पोल से नीचे गिर गया। जिला चिकित्सालय ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा चार माह का वेतन भी नहीं दिया गया।
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर गुस्साए परिवारीजनों व लोगों ने नगर कोतवाली के कौशल्याघाट परिक्रमा मार्ग पर शव रख प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गुस्साए लोग आरोपी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग व मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। कोतवाली प्रभारी अरविंद पांडेय का कहना है कि संबंधित ठेकेदार के बारे में पता लगाया जा रहा है। तहरीर मिल गई है उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है, उचित कार्रवाई की जाएगी।