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Sarayu River: अयोध्या में लाल निशान से 80 सेमी ऊपर उठी सरयू, लोगों की दुश्वारियां बढ़ीं, पलायन शुरू

Wed, 12 Oct 2022 04:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या

सार

अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब शहरी इलाकों में पानी पहुंचने लग गया है।
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पूराबाजार में जलस्तर बढ़ने के बाद परेशान ग्रामीण।
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विस्तार
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नेपाल से छोड़े गए पानी व बारिश के चलते सरयू नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी खतरे के निशान से 80 सेमी. ऊपर बह रही है। हर घंटे सरयू के जलस्तर में एक सेमी. की वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिले के तीन तहसीलों के करीब 25 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। 600 परिवारों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कई इलाकों में लोग पलायन कर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। वहीं शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। 10 आश्रम भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार शाम सरयू का जलस्तर 93.53 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 80 सेमी. ऊपर है।

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रुदौली क्षेत्र में नदी का पानी सरांय नासिर, मुजेहना, सल्लाहपुर, अब्बुपुर, नूरगंज, कैथी, मांझा, मंहगू पुरवा सहित करीब दर्जन भर गांवों में भर गया है। किसानों की हजारों बीघा फसलें डूबकर बर्बाद हो गई। जलस्तर में हो रही वृद्धि से नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए गृहस्थी का सामान समेटना शुरू कर दिया है। सैकड़ों ग्रामीण ऊंची जगहों पर तिरपाल के तंबू में रहने को विवश हैं। शहरी इलाकों में सरयू के घाट पानी में डूब गए हैं। अयोध्या धाम के फटिकशिला आश्रम की गोशाला पानी में डूब गई है। यहां रहकर नाम जाप करने वाले करीब 40 संतों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। आश्रम से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उधर गुप्तारघाट के कई आश्रम बाढ़ के पानी से घिर गए है। अयोध्या में श्मशान घाट भी पानी में डूब गया है। अंतिम संस्कार में लोगों को परेशानी हो रही है। रुदौली के सल्लाहपुर निवासी हरिराम, राजबली, शिवचरन, मालिकराम, कालीदीन आदि कहते हैं कि आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। बस नाव का ही सहारा है। जो भी अधिकारी आता है वो तटबंध के नीचे बसे गांवों में जाता ही नहीं है।

कोई अपनी छत पर तो कोई छप्पर पर बैठकर रात बिता रहा है। एसडीएम रुदौली स्वप्निल यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के आवागमन के लिए 10 नावें लगी थी ग्रामीणों की मांग पर एक नाव और लगाई गई है। ढेमवा गोंडा संपर्क मार्ग पर बाढ़ नियंत्रण बोर्ड द्वारा कटान रोकने का कारगर उपाय नही होने से दो जिला को जोड़ने वाली सड़क बह जाने से लोग परेशान हैं। ढेमवा पुल को जोड़ने वाली गोंडा क्षेत्र की दो किमी. सड़क में कटान जारी है। एसडीएम सोहावल मनोज कुमार श्रीवास्तव व तहसीलदार पवन कुमार गुप्ता ने मौका मुआयना किया। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने का दिशा निर्देश दिया गया। पीड़ितों को बाढ़ चौकी प्राइमरी विद्यालय कोट सराय सहारा बाग शिविर में शरण दी जा रही है।
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सदर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांव में मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन ,उरदाहवा, मडना माझा, बलुइया, धनी का पुरवा, रामपुर तिवारी माझा, मदरहिया आदि गांव के निवासियों के घरों में पानी भर गया है। मूड़ाडीहा के लेखपाल सौरभ पांडे ने बताया कि मूड़ाडीहा में दो नाव, पूरे चेतन में एक नाव, सलेमपुर में एक नाव लगा दी गई है। एक नाव इमरजेंसी के लिए रखी गई है। रामपुर पुवारी माझा के ग्राम प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि गांव में जाने वाले सभी मार्गों पर पानी भर गया है। तराई क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण मंगलवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम रुदौली स्वप्निल यादव, तहसीलदार रुदौली प्रज्ञा सिंह व तहसील स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया।

एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि महेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि बाढ़ चौकियों से लगातार निगरानी की जा रही है। पशुओं के चारे के लिए भूसे की व्यवस्था कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अधिकारी व टीमें लगातार लगी हुई हैं। बाढ़ पीड़ित महंगू का पुरवा निवासी अनिल यादव, रघुनाथ यादव, नकछेड यादव, राम जियावन आदि ने बताया की महंगू का पुरवा गांव के घरों में पानी घुस गया है लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कोई राहत अब तक नहीं मिली है। वहीं सल्लाहपुर व सडरी गांव निवासी भगवंत यादव, बलवंत यादव, रामकुमार, जगदीश आदि ने बताया कि चारों तरफ जलभराव है। जानवरों के चारे का संकट खड़ा हो गया है। फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। कोई झांकने तक नहीं आ रहा।
हमें भोजन के भी लाले पड़ गए हैं। ग्राम अख्तियारपुर के ग्राम प्रधान राम कुमार यादव बोले कि फसलें डूब गई हैं, जानवरों के चारे की समस्या विकराल हो गई है। एसडीएम स्वप्निल यादव ने बताया कि तराई क्षेत्र में पशुओं के चारे की समस्या के निदान के लिए जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को 100 क्विंटल भूसा उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा गया है।

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