राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार व अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि आठ नवंबर को राम मंदिर निर्माण की नींव रखी जाएगी। इसके लिए देश भर से रामभक्तों से आने की अपील की गई है। स्वामी चक्रपाणि गुरुवार को जानकीघाट बड़ा स्थान में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उज्जैन महाकुंभ में श्रीराम जन्मभूमि निर्माण न्यास समिति के अध्यक्ष महंत जन्मेजय शरण की अध्यक्षता में आठ नवंबर 2016 से संतों के द्वारा राम जन्मभूमि पर सिंहस्थ द्वार बनाने की घोषणा की गई थी। हमने भी पूरे देश के रामभक्तों को आठ नवंबर को चार सिंहद्वार बनाने के लिए अयोध्या पहुंचने का आह्वान किया है।
वह छह नवंबर को अयोध्या के लिए दिल्ली से रवाना होंगे। स्वामी चक्रपाणि ने दावा किया कि हमारे साथ राम मंदिर विवाद के पक्षकार रमेश त्रिपाठी, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि मंहत जिनेंद्रदास, निर्मोही अखाड़ा के वकील रणजीत लाल वर्मा, सुलह समझौता मुहिम के मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, कांग्रेसी नेता नागा रामलखन दास, महंत रामटहल शरण, महंत अंजनी शरण, महंत कामता शरण आदि हैं।
कहा कि 2010 को हाईकोर्ट से फैसला आने के बाद राम जन्मभूमि मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से पांच बार मुलाकात कर हम यह कह चुके हैं कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बना कर सुनवाई कराएं। लेकिन केंद्र सरकार के ढाई साल पूरे होने पर भी इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे हैं कि 16 कारसेवक मारे गए। लेकिन दुर्भाग्य है कि मुलायम के इस बयान पर विहिप, भाजपा और संघ मौन हैं। सबकी मिलीभगत है।
कानून सम्मत कार्य करेंगे: रमेश त्रिपाठी
मंदिर/मस्जिद मामले के पक्षकार रमेश त्रिपाठी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर कानून के अंतर्गत ही काम करेंगे। गुरुवार को बैठक के लिए अयोध्या बुलाया गया था इसलिए आए थे। लोगों से अधिगृहीत परिसर के अगल-बगल मंदिर निर्माण की बात कही गई है, विवादित परिसर पर नहीं।
मस्जिद की जगह छोड़ कहीं करें निर्माण: हाजी महबूब
स्वामी चक्रपाणि ने बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब से भी मुलाकात कर बातचीत की। हाजी महबूब ने कहा कि विवादित परिसर में मस्जिद की जगह वह छोड़ दें, अन्य जगह निर्माण पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है।