अयोध्या में राममंदिर के लिए बाबर के वंशज ने किया शिला पूजन
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के उद्देश्य को लेकर हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज के निर्देशन में दिल्ली से निकली हिंदू स्वाभिमान यात्रा रविवार को अयोध्या पहुंची। यहां जानकीघाट बड़ास्थान में संतों ने स्वागत किया। इस अवसर पर बाबर के वंशज प्रिंस तूसी, स्वामी चक्रपाणि, रामजन्मभूमि निर्माण न्यास के अध्यक्ष महंत जन्मेजयशरण सहित अन्य संतों ने राममंदिर के लिए शिलापूजन कर भव्य मंदिर निर्माण की हुंकार भरी।
प्रिंस तूसी ने रामलला के दर्शन कर सिर पर खंड़ाऊ रखकर जयश्रीराम का उद्घोष किया। जानकीघाट बड़ास्थान में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए प्रिंस तूसी ने कहा कि हमारे पूर्वजों की गलती के लिए मैं माफी मांग चुका हूं। अयोध्या का मामला टाईटल सूट हैं, यदि जमीन बाबर की निकलती है तो उसका हकदार सुन्नी वक्फ बोर्ड, मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड नहीं बल्कि बाबर का वंशज होने के नाते मेरा होगा। कहा कि मैं वह हिस्सा राममंदिर के लिए देता हूं।
इसके लिए राष्ट्रपति महोदय को एनओसी भी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से मिलने के लिए कई बार प्रयास किया, पत्र भी लिखा लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कहा कि कोई भी गंगा-जमुनी तहजीब तोड़ नहीं सकता, ओवैसी जैसे लोग जोकर हैं। देश का तमाम मुसलमान शांति चाहता है, राममंदिर का निर्माण चाहता है। इससे पूर्व हिंदू स्वाभिमान यात्रा के अयोध्या पहुंचने पर महंत जन्मेजय शरण द्वारा स्वागत किया गया।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जगह-जगह रूट डायवर्जन कर सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की गई थी। स्वागत समारेाह का संचालन नागा रामलखन दास ने किया। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि सरकार 2019 से पहले राममंदिर पर कानून बना दे। सरकार गठबंधन या अल्पमत की नहीं है बल्कि प्रचंड बहुमत की अब कोई बहाना नहीं चलेगा। कहा कि यदि चुनाव से पूर्व सरकार ने मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं किया तो जनवरी में धर्म संसद, हिंदू संसद में राममंदिर पर बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
लड़ाई आरपार की होगी। कहा कि एससीएसटी, तीन तलाक पर कानून बन सकता है तो रमामंदिर पर क्यों नहीं। रामजन्मभूमि निर्माण न्यास के अध्यक्ष जानकीघाट बड़ास्थान के महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि महापौर से लेकर राष्ट्रपति तक भाजपा के हैं अब क्या बहाना है। अब विलंब हुआ तो हिंदु भावनाओं, जनभावनाओं को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने योगी सरकार से मांग करते हुए कहा कि फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या धाम किया जाए। कहा कि दीपोत्सव में योगी जी को इसकी घोषणा करनी चाहिए।
इस दौरान देवमुरारी बापू, नागा हरिदास, महंत रामटहल शरण वेदांती, महंत छविराम दास, नागा रामलखन दास, निर्मोही अखाड़ा के अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा, अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव, नारायण मिश्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद, हैदराबाद, लखनऊ आदि जिलों से बड़ी संख्या में हिंदू महासभा के कार्यकर्ता मौजूद रहे।