फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

12.12 करोड़ मांगा तो मिला एक फीसदी, कैसे हों खेल

विज्ञापन
विज्ञापन
12 करोड़ मांगे तो मिला एक फीसदी, कैसे हों खेल
विज्ञापन

फैजाबाद। प्रदेश में खेल के विकास का दम दिखाने वाली सरकार में स्कूली खेल के बजट में भारी कटौती कर दी गई है। वर्ष 2018-19 में 12.12 करोड़ की मांग के सापेक्ष एक फीसदी 12.12 लाख की स्वीकृत मिली है। बजट कटौती के बाद शिक्षा विभाग की ओर से अब खेल प्रतियोगिताएं बंदी के कगार पर आ गई है। बीते साल भी हालात ठीक नहीं थे, 132 बालक/बालिका खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से वंचित हो गए थे। जिले में धन के अभाव में दो साल से जनपदीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हुआ। कई खिलाड़ियों ने निजी व्यय पर मंडल और राज्य स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जबकि धन की कमी के कारण जिले के 300 विद्यालयों ने खेल से किनारा कर लिया है।
भारत सरकार के खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के उलट प्रदेश सरकार ने राज्य में स्कूली खेलों के आयोजन और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की स्कूली टीमों के प्रतिभाग पर होने वाले व्यय में भारी कटौती कर दी है। स्कूली खेल के लिए नए बजट प्रावधान के बाद शिक्षा विभाग में खेल आयोजन और राष्ट्रीय स्तर पर टीम के प्रतिभाग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रतिभाग कराना आसान नही होगा। प्रदेश में जनपद स्तर से राज्य तक स्कूली खेल के आयोजन, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीमों के प्रतिभाग के लिए खर्च को देखते हुए शिक्षा निदेशक ने 73.5 लाख के पिछले साल प्रस्तावित बजट में बढ़ोतरी के साथ 12.12 करोड़ की मांग की थी। शासन में शिक्षा विभाग की मांग को नजरअंदाज करते हुए पूर्व बजट में भी कटौती करते हुए नया बजट मात्र 12.12 लाख कर दिया है।
विज्ञापन

संयुक्त निदेशक लखनऊ ने खड़े कर दिए थे हाथ
संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ ने बीते साल धन के अभाव में प्रतियोगिता कराने से इंकार कर दिया था। बीते साल धन के अभाव में प्रदेश के हॉकी 14 वर्ष, बालक/बालिका, कबड्डी 17 बालक बालिका वर्ग बास्केटबॉल अंडर 14,17,19 आयु वर्ग के 132 बालक/बालिका खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग से वंचित हो गए थे।

नहीं हो सकता स्कूली खेल का आयोजन : समन्वयक
खेल समन्वयक उत्तर प्रदेश व स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव राजेश मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में स्कूली खेलों के समुचित संचालन के लिए 12.12 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। आवश्यकता के अनुसार बजट की मांग की गई थी। प्राप्त बजट प्रावधान में प्रदेश के स्कूली खेल आयोजित नहीं किया जा सकते हैं। बीते साल भी बजट के अभाव में राज्य स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता आयोजित नहीं हो पाई थी। प्रदेश द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश के खिलाड़ियों पर होने वाला व्यय न दे पाने के कारण प्रतिवर्ष लगभग 25 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग से वंचित हो रहे हैं। कुछ खिलाड़ी निजी व्यय पर प्रतिभाग कर रहे हैं। धन की कमी के कारण राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग से वंचित प्रदेश की अंडर 17 स्कूली कबड्डी टीम ने एनएफएस के माध्यम से खेलो इंडिया में मिले प्रवेश के बाद खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में रजत पदक प्राप्त किया था। स्कूल गेम्स फेडरशन ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश को बैडमिंटन, हैंडबॉल, वॉलीबॉल, टेनिस बाल क्रिकेट की राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी सौंपी थी। धन के अभाव में प्रदेश को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन से इंकार करना पड़ा था।
विज्ञापन


भारत सरकार के खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के तहत प्रतियोगिताएं ज्यादा कराने का दबाव रहता है। इसके सापेक्ष बजट काफी कम मिला है। शासन के बजट संशोधन के लिए अवगत करा दिया गया है। इतने कम धन में खेल प्रतियोगिताएं करा पाना संभव नहीं हो पाएगा। पिछले साल भी तमाम दिक्कतें आई थीं। - अभिमन्यु सिंह, प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी, डॉ. अंबेडकर राज्यविद्यालयी क्रीड़ा संस्थान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें