फैजाबाद। इस बार गुरुवार को नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा पालकी पर आ रही है। मरू गजे च जलदा देवी क्षत्र भंग स्तुरंगमे। नोकायां सर्वसिद्धि स्या ढोलायां मरणं धुवम। यानी डोली (पालकी) पर आने से आक्रांत रोग व मृत्यु का भय बना रहता है।
शारदीय नवरात्र का आगाज होने के साथ जिले भर में 11 सौ दुर्गा पूजा के पंडाल सजने लगे हैं। नवरात्र व दशहरा सकुशल कराने के लिए प्रशासन भी कमर कस चुका है। हर स्तर पर प्रशासनिक तैयारियां तेजी पकड़ रही हैं। दुर्गा पूजा महोत्सव को भव्यता देने के लिए बिहार व झारखंड के कारीगर डेरा जमाए हैं।
दिन-रात मेहनत कर पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 21 सितंबर (गुरुवार) से होने जा रहा है। इसको लेकर तैयारियां शहर से लेकर देहात तक पूरे जोर-शोर से हो रही हैं। धीरे-धीरे मंदिरों में नवरात्र की शोभा बिखरने लगी है तो दुर्गा पूजा पंडाल भी आकार लेने लगे हैं। प्रतिमाएं भी तेजी से बन रही हैं।
फैजाबाद नगर क्षेत्र में करीब 140 प्रतिमाओं की स्थापना की जाती है, जबकि जिले भर की मूर्तियों की संख्या करीब 11 सौ है। घरों व मंदिरों में स्थापित की जाने वाली मूर्तियों को भी सम्मिलित किया जाय तो यह संख्या करीब 14 सौ पहुंच जाती है।
शहर में प्रतिवर्ष चौक, दिल्ली दरवाजा, मकबरा, रिकाबगंज, नाका हनुमान गढ़ी, नाका चुंगी जैसी प्रमुख जगहों पर भव्य व आकर्षक पंडाल बनाये जाते हैं। नाका चुंगी व चौक की प्रतिमाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रही हैं। इस बार भी इन सभी स्थलों पर प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए पंडाल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है।
मुख्य रूप से बिहार, बंगाल, झारखंड के कुशल कारीगर दिन-रात मेहनत करके पंडाल को भव्यता देने में लीन है। इन स्थलों पर पंडाल की भव्यता को लेकर प्रतिस्पर्धा भी देखी जा रही है। केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति द्वारा अभी तक इन पंडालों का स्वरूप निर्धारित नहीं किया गया है।
20 सितंबर की सुबह 10:22 से अमावस्या खत्म हो जाएगी और प्रतिपदा का मान शुरू हो जाएगा। 21 से प्रतिपदा का पहला नवरात्र होगा, सुबह के मुहूर्त के अलावा अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापना हो सकेगी। पक्ष में पूरे दिन होने के कारण इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्र होंगे। 29 को महानवमी और 30 को विजयदशमी होगी।
देवी पंडाल निर्माण का रहता इंतजार
झारखंड के पंडाल बनाने के कारीगर सुदामा कहते हैं कि प्रति वर्ष शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा महोत्सव में माता रानी के पंडाल बनाने का बेसब्री से इंतजार रहता है। निजाम व शोहराब कहते हैं कि पिछले एक दशक से पंडाल बनाने का काम कर रहे हैं, आमदनी का जरिया तो यही है, इसके अलावा लोगों का इसके प्रति उत्साह देखकर खुशी भी मिलती है। कारीगर रवि ने बताया कि हमारे पूर्वज भी पंडाल बनाने का काम करते थे, उन्हीं से हमने भी यह हुनर सीखा।
प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर
दुर्गा पूजा व दशहरा के लिए प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। पावर कॉर्पोरेशन ने भी दुर्गा पूजा समितियों को पंडाल निर्माण के समय सावधानियां बरतने के लिए निर्देशित किया है। दुर्गा पूजा, दशहरा, मोहर्रम आदि मौके पर किसी अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से विद्युत लाइनों का अनुरक्षण कार्य शुरू करा दिया गया है। शहर में 22 सितंबर तक के लिए दोपहर में तीन घंटे बिजली कटौती भी जारी है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
दुर्गा पूजा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आठ सौ होमगार्ड, दो सौ पीआरडी की भी मांग की गई है। सभी चौकी प्रभारियों को पीस कमेटी की बैठक के लिए निर्देशित किया गया है। जुलूस का समय व मार्ग का खाका खींचा गया है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए व्यापक रणनीति बनाई जा रही है।
-अनिल सिंह सिसौदिया, एसपी सिटी फैजाबाद