अधिगृहीत परिसर में विराजमान रामलला का 67वां प्राकट्य महोत्सव श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के संयोजन में सोमवार को आरंभ हो गया। श्रीराम जन्मभूमि संपर्क मार्ग के सामने क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में पूजन-अर्चन के साथ कलश स्थापना की गई।
नौ दिवसीय महोत्सव के तहत प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। 10 जनवरी को पूजित कलश अधिगृहीत परिसर स्थित गर्भगृह में विराजमान रामलला के दरबार में स्थापित करने के लिए ले जाया जाएगा। 12 जनवरी को कलश विसर्जन के बाद शोभायात्रा के साथ महोत्सव का समापन होगा।
समिति के महामंत्री पं. राम प्रसाद मिश्र ने बताया कि अधिगृहीत परिसर में विराजमान रामलला का प्राकट्य महोत्सव मनाने की अनुमति के लिए विवादित परिसर के रिसीवर को पत्र सौंपा गया था।
नौ दिवसीय महोत्सव सोमवार को राम जन्मभूमि संपर्क मार्ग के सामने स्थित क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद कलश स्थापना के साथ शुरू हो गया। आचार्य कमल उपाध्याय ने पूजन-अर्चन किया।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कलश की पूजा-अर्चना के साथ श्रीरामाभिषेक, श्रीहनुमंत:भिषेक, नौ दिवसीय रामायण पाठ, श्रीराम चरित मानस नवाह्न पारायण पाठ, वेद संहिताओं का पाठ, हवन-पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आदि होंगे।
10 जनवरी को पूजित कलश अधिगृहीत परिसर स्थित गर्भगृह में विराजमान रामलला के दरबार में स्थापित करने के लिए ले जाया जाएगा। 12 जनवरी को परिसर से पूजित कलश को वापस लाकर विसर्जित किया जाएगा।
इसके पश्चात शाम को रामलला की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राम चरित्र दास, संजय शुक्ल, रामनाथ तिवारी, राम प्रसाद यादव, रामभद्र पाठक, हरिशंकर सिंह, पराग मिश्र, लालजी मिश्र मौजूद रहे।