फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचशालाओं से सुशोभित होगा गुरु वशिष्ठ गुरुकुल

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। एक वर्ष पूर्व वासुदेव घाट स्थित हनुमान वाटिका के सामने स्थापित गुरु वशिष्ठ गुरुकुल के नवीन भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। ढाई एकड़ में करीब एक करोड़ की लागत से बनने वाले गुरु वशिष्ठ गुरुकुल में परंपराओं के अनुसरण के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा का भी संयोजन होगा। नवीन गुरुकुल पंचशालाओं से सुशोभित होगा। यहां बच्चों को वेद, कर्मकांड के साथ-साथ हाईटेक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी।
विज्ञापन



अवध विश्वविद्यालय के कुलपति व गुरु वशिष्ठ सेवा न्यास के अध्यक्ष आचार्य मनोज दीक्षित ने अयोध्या स्थित भारतीय शिक्षण मंडल कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि 1200 वर्ष पूर्व क्रूर आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त प्राचीन गुरुकुल शिक्षा प्रणाली के पुन: उदय के उद्देश्य से भारतीय शिक्षण मंडल संपूर्ण देश सहित विश्व के 11 देशों में प्रयासरत हैं।


इसी के अंतर्गत बीती मार्च में अयोध्या में श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल स्थापित किया गया था। अब यह गुरुकुल नवीन भवन में संचालित होगा। प्राचीन गुरुकुल परंपरा के अनुसार पंचशाला (पाठशाला, धर्मशाला, यज्ञशाला, गौशाला, पाकशाला) सहित गुरु वशिष्ठ के मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है।
विज्ञापन



मंदिर में प्रमुख रूप से श्रीराम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघभन की गुरुकुल विद्या अध्ययन की भव्य विग्रह स्थापित होगी। गुरुकुल के निदेशक डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि गुरुकुल भवन के भूमि तल का निर्माण प्रारंभ हो गया है। तीन तलों का निर्माण प्रस्तावित है।


गुरुकुल में दी जाएगी 64 कलाओं की शिक्षा
श्री वशिष्ठ गुरुकुल में अत्याधुनिक तरीके से बनी फूस की झोपड़ियों में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने बताया कि गुरुकुल के बच्चों को हर विधा में निपुण बनाने का प्रयास होगा। कक्षाओं में संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी के साथ गणित, आयुर्वेद, ज्योतिष, धर्मशास्त्र, अध्यात्मशास्त्र, वास्तुशास्त्र, न्यायशास्त्र, संगीतकला, अभिनयकला, चित्रकला, हस्तलेखनकला, पाककला, नामालेख (अकाउंट), वैदिक गणित, परामेधा (मिड ब्रेन), व्यक्तित्व विकास, आयोजन प्रबंध (मैनेजमेंट), नेतृत्वकला, योगाभ्यास, एक्यूप्रेशरज्ञान, इतिहास, भूगोल, मार्शलआर्ट, कराटे, अश्व संचालन, सामान्य ज्ञान, दंड अभ्यास सहित 64 कलाओं की शिक्षा देने की व्यवस्था होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें