पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदान के दौरान कई स्थानों पर बवाल हुआ, मगर मतदाताओं ने जोश दिखाया। पहले चरण के सापेक्ष ज्यादा संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
तीन ब्लॉकों में 60 फीसदी वोट पड़े। सोहावल के एक बूथ पर कैप्चरिंग की शिकायत को लेकर मतदान घंटे भर बाधित रहा। रुदौली में बूथ का पीठासीन अधिकारी शराब के नशे में पाया गया।
मवई में एक डीडीसी प्रत्याशी और पोलिंग पार्टी के लोगों के बीच बवाल के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। एक अन्य प्रत्याशी ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया।
बूथों पर पुलिस की तैनाती के बीच वोट डालने के लिए मतदाताओं की लंबी कतार रही। डीएम और एसएसपी ने मतदान क्षेत्र का दौरा करने के बाद बताया कि मतदान औसतन शांतिपूर्ण रहा।
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में छिटपुट घटनाओं के बीच मवई व सोहावल में 59 और रुदौली में 62 फीसदी मतदान हुआ। मतदान को लेकर अव्यवस्था रहीं।
जिला पंचायत सदस्य की 12 और बीडीसी की 317 सीटों के लिए सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ, लेकिन अव्यवस्था के कारण कई जगह बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। दूसरे चरण का मतदान पहले चरण की तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा।
मतदान के साथ ही बवाल शुरू हो गए। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सोहावल द्वितीय की रही जहां से सूबे के एक मंत्री की पत्नी चुनाव मैदान में हैं। मंत्री पुत्र पर कर्मचारियों से मिलकर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगा।
इसे लेकर प्रत्याशी के एजेंट और उनके समर्थक धरने पर बैठ गए। घंटे भर बाद किसी तरह प्रशासन से समझाने पर साढ़े चार बजे मतदान शुरू हो पाया।
मवई प्रथम के नगरा पोलिंग बूथ पर प्रत्याशी को एसआई पर धमकाने का आरोप लगा। रुदौली प्रथम में जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी और पोलिंग पार्टी के लोगों के बीच विवाद हुआ तो प्रत्याशी को हिरासत में लिया गया।
मतदान को लेकर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों के वाहन दौड़ते रहे। डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी मोहित गुप्ता ने दौरे के बाद बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा। तीनों ब्लाकों में 60 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले।