सीएचसी, पीएचसी सहित विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर अब चिकित्सकों के अभाव में प्राथमिक उपचार न मिलने से होने वाली दिक्कतों से निजात मिलेगी। अयोध्या व अंबेडकरनगर के ऐसे केंद्रों पर सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ अफसर) रूप में 55 लोगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से चयनित किया गया है।
यह सभी डॉक्टरी की डिग्री के बजाय एएनएम और जीएनएम से जुड़े है, मगर प्राथमिक इलाज में सक्षम बनाने के लिए जिला महिला अस्पताल में छह माह प्रशिक्षित किए जाने के बाद ब्रिज कोर्स का इग्नू से प्रमाणपत्र मिलेगा। इसके बाद जुलाई माह में इन्हें उच्चीकृत स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनाती दी जाएगी।
जिले की करीब 29 लाख आबादी के इलाज के लिए प्रमुख रूप से जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय, संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय दर्शननगर सहित 13 सीएचसी, 27 पीएचसी व करीब 45 से अधिक स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं।
सीएचसी, पीएचसी व उपकेंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से आकस्मिक आवश्यकता पड़ने पर जरूरतमंदों को प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल पाता है। खासकर किसी दुर्घटना का शिकार होने पर इन स्वास्थ्य इकाइयों पर समय से प्राथमिक उपचार न मिलने से मरीज मुख्यालय तक पहुंचते-पहुंचते गंभीर स्थिति तक पहुंच जाता है।
कभी-कभी लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। इन्हीं समस्याओं से निजात देने के लिए अब शासन की ओर से नई पहल की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से बीएससी नर्सिंग/जीएनएम की डिग्री प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में चयनित कर इन्हें जिला महिला अस्पताल में ब्रिज कोर्स कराया जा रहा है।
छह माह तक यहां थ्योरी व प्रैक्टिकल कक्षाएं संचालित करके इन्हें जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस अवधि में इन्हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है। छह माह बाद इनकी परीक्षाएं कराने के बाद उत्तीर्ण होने पर इग्नू द्वारा ब्रिज कोर्स का प्रमाण पत्र देकर तैनाती स्थल पर भेजा जाएगा।
तब 35 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। पहले चरण का बैच जुलाई 2018 से जनवरी 2019 तक पूर्ण हो चुका है। जिसमें कुशीनगर व सिद्धार्थनगर के 45 अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र देकर तैनाती स्थल पर भेजा गया है।
अब दूसरे बैच की शुरुआत हुई है। जिसमें कुल 55 अभ्यर्थी जिला महिला अस्पताल में भेजे गए हैं। इनमें 54 छात्र राजस्थान के व एक कुशीनगर का है। सभी ने संबंधित दस्तावेज जमा करके प्रशिक्षण प्राप्त करना प्रारंभ कर दिया है।
छह माह के प्रशिक्षण के बाद इनमें से 29 छात्रों को अयोध्या व 26 को अंबेडकरनगर में तैनात किया जाएगा। जिला महिला अस्पताल के प्रबंधक डॉ. संजीव पांडेय ने बताया कि दूसरे बैच की क्लीनिकल कक्षाएं संचालित हो गई हैं। प्रशिक्षण के बाद सभी इमरजेंसी सेवाएं देने में समर्थ होंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि ब्रिज कोर्स के दूसरे बैच में 55 सीएचओ को भेजा गया है। जिन्हें छह माह का प्रशिक्षण देकर सीएचसी, पीएचसी व स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात किया जाएगा। इनमें 29 सीएचओ अयोध्या जनपद को और 26 को अंबेडकरनगर भेजा जाएगा।