अयोध्या। रामनगरी को आध्यात्मिक मेगा सिटी व विश्व स्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए 55 स्मार्ट सीएनजी बसें चलाई जाएंगी। इसका प्रस्ताव नगरीय परिवहन निदेशालय ने केंद्र सरकार को भेजा है।
सरकार की ओर से अनुमति मिलते ही अयोध्या नगर क्षेत्र में 55 सीएनजी बसें सड़कों पर दौड़ेगी। इसके लिए जल्द ही नया रूट प्लान व रुकने वाले स्टेशनों का निर्धारण समेत पूरा प्लान तैयार किया जाएगा।
जनवरी माह के अंत तक पूरी योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी है। अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन की दृष्टि से प्रदूषण मुक्त शहर बनाया जाना है। यह सब कुछ इसलिए है कि पर्यटकों को अयोध्या आने पर किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
इस सब के दृष्टिगत शहर में बिना प्रदूषण वाली स्मार्ट सीएनजी बसों के चलाने का निर्णय किया गया। जिला प्रशासन ने पहले ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सीएनजी वाहनों को अनुमति दे दी है। मौजूदा समय में अयोध्या में दो सीएनजी पेट्रोल पंप भी स्थापित हो चुके हैं।
दरअसल देश के बजट में 18000 करोड़ रुपये पब्लिक ट्रांसपोर्ट में खर्च किए जाने का प्रावधान किया है, इसी के तहत नगरीय परिवहन निदेशालय ने पूरे प्रदेश में 1750 नई सीएनजी बसें चलाने का प्रस्ताव भेजा है।
पहले से ही प्रदेश में 1007 सीएनजी बसें संचालित हो रही हैं। मौजूदा भेजे गए प्रस्ताव में अयोध्या के लिए 55 सीएनजी बसों का प्रस्ताव किया गया है।
प्रस्ताव मंजूर होने के बाद अयोध्या के लिए बसों की व्यवस्था हो जाएगी। इसके बाद रूट व स्टेशनों का निर्धारण होगा। जनवरी माह तक संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मौजूदा समय अयोध्या नगर निगम में पांच रूटों पर 1500 डीजल टैक्सियों की परमिट जारी किया गया है। रूट नंबर एक अयोध्या- नयाघाट, रूट नंबर दो अयोध्या-सोहावल, रूट नंबर तीन अयोध्या- कुचेरा, रूट नंबर चार अयोध्या-माया बाजार व रूट नंबर पांच अयोध्या-बीकापुर है।
वैसे तो इन रूटों पर मात्र 15 सौ का ही परमिट जारी है, लेकिन मौजूदा समय में तीन हजार से अधिक टैक्सियां इन चारों रूटों पर दौड़ रही है। अकेले अयोध्या सहादतगंज रोड पर ही दोगुने से अधिक टैक्सियों संचालित हो रही हैं।
यह बड़ी मात्रा में वातावरण को प्रदूषित तो कर ही रही हैं। साथ ही राजस्व को भी चपत लगा रही हैं। इन सब के दृष्टिगत नई 55 सीएनजी बसों चल चलाने का प्रस्ताव है।
ये पूरी तरह वातानुकूलित होने के साथ निर्धारित समय से अपने स्टेशनों को पहुंचेंगी। इन बसों से वातावरण को भी कोई नुकसान नहीं होगा। अयोध्या में सीएनजी बसों का रूट क्या होगा, इसका प्लान तैयार किया जा रहा है।
ट्रैफिक मोबिलिटी प्लान के तहत राइट्स नामक संस्था शहर की यातायात को सुगम बनाने के लिए मौजूदा समय में सर्वे कर रही है। राइट्स ने अपने पहले माह का सर्वे पूरा कर लिया है।
आने वाले 10 माह में संस्था की ओर से आगामी 30 वर्ष का ट्रैफिक प्लान तैयार करके नगर निगम को सौंप देगी। इसी के तहत अयोध्या में सीएनजी बसों के रूटों का भी निर्धारण किया जाएगा व बसें किन स्थानों पर रुकेंगी, किन स्थानों से चलेंगी।
यह भी सर्वे रिपोर्ट के बाद ही तय होगा। उम्मीद है कि अयोध्या नगर क्षेत्र में कम से कम पांच नए रूट और जुड़ेंगे। मौजूदा सीएनजी प्लान में सरयू पार के इलाके को भी शामिल किया गया है।
रामनगरी में फिलहाल इलेक्ट्रिक बसें नहीं चल सकेंगी। इसका कारण यह है कि इलेक्ट्रिक बसों के लिए हुए सर्वे में अयोध्या की सड़कें, आबादी, स्टेट कैपिटल सहित अन्य मानक इलेक्ट्रिक बस चलने के मानक योग्य नहीं पाए गए हैं।
इस कारण अयोध्या में इलेक्ट्रिक बस चलाने की योजना पर पानी फिर गया है। इसी के बाद अयोध्या में 55 नगरीय सेवा के लिए सीएनजी बसें चलाने का निर्णय लिया गया है।
अयोध्या नगर निगम क्षेत्र के लिए 55 सीएनजी बसों को चलाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही नगरीय परिवहन निदेशालय उत्तर प्रदेश अपना कार्य शुरू करेगा। उम्मीद है कि जनवरी माह के अंत तक समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली जाएंगी।-अजीत सिंह, संयुक्त सचिव, नगरीय परिवहन निदेशालय उत्तर प्रदेश