अयोध्या। चीनी मिलों में पेराई बंद होने के बाद नए पेराई सत्र की तैयारी भी शुरू हो गई है। जिले की दोनों चीनी मिल क्षेत्र के किसानों के गन्ने का सर्वेक्षण कार्य बीते पांच मई से शुरू हो गया है।
इसके लिए गन्ना विकास परिषदवाद 116 कर्मचारियों ने 83 सर्किलों में गन्ना सर्वेक्षण कार्य शुरू किया है। जीपीएस मशीन से चीनी मिल व समिति के संयुक्त तत्वावधान में 45 दिन में गन्ना सर्वेक्षण कार्य पूरा किया जाएगा।
इस बार जिले के करीब 1295 गांवों में एक लाख 12 हजार किसानों ने गन्ने की फसल का उत्पादन किया है। गतवर्ष भी जिले में करीब तीस प्रतिशत गन्ना रकबा बढ़ा था, जिसका असर रहा कि इस बार दोनों चीनी मिलों ने रिकॉर्ड पेराई भी की और बीते अप्रैल में ही पेराई सत्र 2018-19 का समापन हुआ।
इसके बाद ही नए पेराई सत्र की तैयारी भी गन्ना विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। बीते पांच मई से ही चीनी मिल व गन्ना समिति के संयुक्त तत्वावधान में जीपीएस से गन्ना सर्वेक्षण कार्य शुरू किया गया है।
गन्ना पर्यवेक्षक, समिति कर्मचारी व चीनी मिल कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा सर्वेक्षण कार्य के लिए इस बार 83 सर्किल बनाए गए हैं।
इनमें मसौधा चीनी मिल क्षेत्र में 61 व रौजागांव चीनी मिल क्षेत्र में 22 सर्किल हैं। इस कार्य के लिए मसौधा चीनी मिल क्षेत्र में 24 गन्ना सुपरवाइजर, 37 समिति कर्मचारी व 61 चीनी मिल कर्मी तैनात किए गए हैं।
वहीं रौजागांव चीनी मिल क्षेत्र में छह गन्ना पर्यवेक्षक, 16 समिति कर्मचारी व 22 मिल कर्मी तैनात किए गए हैं। बीते तीन दिन में मसौधा चीनी मिल क्षेत्र में 50 व रौजागांव के चार गांवों का सर्वे किया गया है। इसे प्रत्येक दशा में 45 दिन के भीतर पूर्ण करना है।
सर्वे के समय खेत पर मौजूद रहे किसान
गन्ना सर्वेक्षण से पूर्व किसानों के मोबाइल पर एसएमएस भेजा जा रहा है। ताकि किसान समय से खेत पर मौजूद होकर अपनी निगरानी में सर्वे कराएं। ताकि, सही ढंग से पौधा-पेड़ी आदि फीड हो सकें और पेराई सत्र के शुभारंभ पर त्रुटियों से बचा जा सके।
सर्वे के समय किसानों को घोषणा पत्र के साथ राजस्व खतौनी की छायाप्रति भी देना होगा। घोषणा पत्र न जमा करने पर इस बार सट्टा संचालन नहीं हो पाएगा। किसी भी शिकायत के लिए जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है।
-एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, अयोध्या