अयोध्या। नगर निगम ने रामनगरी के प्राचीन सरोवरों को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत प्राचीन सरोवरों, तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उन्हें पुन: उनके पुराने स्वरूप में लाने का प्रयास किया जाएगा। इसी क्रम में अयोध्या स्थित क्षीरसागर को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके अधिकांश हिस्से में भूमाफिया काबिज हैं।
अयोध्या के पौराणिक महत्व वाले कुंड बदहाल हैं वहीं अधिकांश अस्तित्व खोने की कगार पर हैं, तो कुछ पर भूमाफिया की नजर है। रूकमणी कुंड, सुग्रीव कुंड, सप्तसागर, दुरभसर कुंड, उर्वशी कुंड, कौशल्या कुंड, क्षीरसागर जैसे कुंडों का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
वहीं खजुआ कुंड, विद्याकुंड, बृहस्पतिकुंड, मनमुनि कुंड, अग्नि कुंड सौंदर्यीकरण के अभाव में अपनी पहचान खो रहे हैं। नगर निगम की जांच में सामने आया है कि क्षीरसागर को सिल्ट एवं मलबा डालकर समतल किया जा रहा है कुछ भू-माफिया यहां अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहे हैं।
अयोध्या स्थित क्षीरसागर सरोवर का महिमा पुराणों में वर्णित है। अयोध्या के पौराणिक कुंडों के संरक्षण का बीड़ा उठाने वाली अयोध्या एडवर्ड तीर्थ विवेचनी सभा के अध्यक्ष राजकुमार दास ने भी रामनगरी के प्राचीन कुंडों, सरोवरों को संरक्षित कर उनके सौंदर्यीकरण की मांग उठाई है।
नगर आयुक्त आरएस गुप्ता ने कहा कि जांच में क्षीरसागर अतिक्रमण का शिकार पाया गया है। सीओ अयोध्या व आरएम अयोध्या को स्थल की पैमाइश कराने के लिए पत्र भेजा है। सरोवरों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा।
महापौर अयोध्या नगर निगम ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि पौराणिक कुंडों व सरोवरों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। 10.77 करोड़ से अयोध्या के दंतधावन, विद्याकुंड व सीताकुंड का सौंदर्यीकरण शीघ्र ही कराया जाएगा। जो कुंड अतिक्रमण का शिकार हैं उन्हें अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।