लाल निशान से 17 सेमी. ऊपर पहुंची सरयू, पानी से घिरे गांव
फैजाबाद। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी व लगातार हो रही बारिश से सरयू का जलस्तर उफान पर है। रविवार रात्रि आठ बजे सरयू का जलस्तर 92.90 मीटर तक पहुंच गया है। सरयू के जलस्तर बढ़ने से कछार में दहशत का माहौल है।
एबी तटबंध के कछार में बसा कैथी मांझा गांव दो दिन पूर्व से ही टापू है। अयोध्या-बिल्हरघाट तटबंध के कछार में बसे गांवों में पानी चढ़ने लगा है। कैथी मंाझा की हालत यह है कि ग्रामीण मचान पर खाना बना रहे हैं।
गांव में लाइट व पीने योग्य पानी तक के लाले पड़ गए है। प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत के नाम पर अभी तक कोई सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। एक पखवारे से लगातार बैराजों से छोड़े जा चुके 25 लाख क्यूसेक से अधिक पानी के चलते सरयू के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
रविवार को भी शारदा, गिरजा व सरयू बैराज से 2.17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह शनिवार की अपेक्षा 29 हजार 519 क्यूसेक अधिक है। इससे सरयू के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी की संभावनाएं बनी हुई है।
सरयू के बढ़ते जलस्तर के बाद कछार में दहशत का माहौल है। अयोध्या-बिल्हरघाट तटबंध के कछार में बसे गांव मूडाडिहा, सलेमपुर, उदरहवा, गिलेट, पिपरी संग्राम, बलूईया, धनई का पुरवा, मांझा मडना व रामपुर पुवारी में बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है।
गांववासी ऊंचे स्थान की शरण में जाने की तैयारी में लग गए हैं। दूसरी ओर रौनाही तटबंध के कछार में महगू का पुरवा, मुजेहना, सराय नासिर व कैथी मांझा में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कैथी मांझा दो दिन पूर्व से ही टापू बन चुका है।
बिना बिजली व पानी के ग्रामीणों का काम चल रहा है। प्रशासन दो दिन के बाद भी गांव में नाव की संख्या एक से नहीं बढ़ा सका है। दूूसरे दिन भी प्रशासन की टीम गांव का दौरा नहीं कर सकी है। रात्रि का भोजन मचानों पर बनाया जा रहा है।
कैथी मांझा में ग्रामीणों को मिट्टी के तेल व अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करा दी गई हैं। गांव को पानी से घिर जाने के कारण ग्रामीणों को नाव दे दी गई है। आगे आने वाली किसी भी प्रकार की दिक्कत के लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है।-मदनचंद्र दूबे, एडीएम वित्त एवं राजस्व