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148 महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पर लगेगी रोक

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148 महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पर लगेगी रोक
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अपने संबद्ध 148 महाविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया प्रतिबंधित करने जा रहा है। इसकी तैयारियां विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्ण कर ली हैं। अगले सप्ताह से विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट पर होने वाली ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया को प्रतिबंधित कर देगा। यह पूरी कार्रवाई शिक्षक अनुमोदन प्रक्रिया में संबद्ध महाविद्यालयों की ओर से अपने शिक्षकों का डाटा सत्यापित न कराए जाने पर की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस देने के बावजूद 148 महाविद्यालयों ने अभी तक अपने शिक्षकों का डाटा सत्यापित नहीं कराया है।
पिछले वर्ष देश में एक लाख से अधिक फर्जी शिक्षक तैनात होने की रिपोर्ट पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से सभी केंद्रीय व राजकीय महाविद्यालयों को अपने-अपने शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसमें डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में एक पोर्टल बनाकर अपने सभी संबद्ध 623 महाविद्यालयों से शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन करने के साथ शिक्षकों का सत्यापन किया जाना था। अवध विश्वविद्यालय के पोर्टल पर 52 महाविद्यालयों ने शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन किया था लेकिन सत्यापन नहीं कराया था। साथ ही 171 महाविद्यालयों ने अपने शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन करने में रुचि नहीं दिखाई थी। इस पर प्रवेश प्रक्रिया रोके जाने का नोटिस जारी हुआ था मगर इस बीच विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा बीच में आ जाने से सारे प्रकरण अधर में लटक गए थे। अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन न करने वाले महाविद्यालयों में परीक्षाएं भी संपन्न कराई। अब परीक्षाएं संपन्न होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर से कार्रवाई कर रहा है। इसकी तैयारियां विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पूर्ण कर ली गई है। कई बार नोटिस के बाद 171 महाविद्यालयों में से 23 महाविद्यालयों ने इस बीच अपने शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन करते हुए सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया है। ऐसे में विश्वविद्यालय से संबद्ध 148 महाविद्यालयों ने न तो शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन किया और ेन ही सत्यापन कार्य कराया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे महाविद्यालयों पर प्रवेश प्रक्रिया प्रतिबंधित करने जा रहा है। अगले सप्ताह से विश्वविद्यालय शिक्षक अनुमोदन प्रक्रिया में शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन न करने व शिक्षकों का सत्यापन न कराने वाले 148 महाविद्यालयों की ऑनलाइन प्रवेश को विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट से बंद कर देगा। साथ ही इन महाविद्यालयों की सूची विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट पर डाल दी जाएगी।
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अभी तक नहीं हो पाई है फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने शिक्षकों का डाटा सत्यापन के दौरान 1528 फर्जी शिक्षक चिह्नित किए थे। इनमें से 1049 शिक्षक कानपुर विश्वविद्यालय में अनुमोदित थे । 171 शिक्षकों के आधार नंबर व 191 शिक्षकों के पैन नंबर फर्जी पाए गए थे। इसके अलावा कुछ अन्य शिक्षक जौनपुर विश्वविद्यालय समेत कई विश्वविद्यालयों में अनुमोदित थे। अभी तक इन सभी शिक्षकों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से अवध विश्वविद्यालय के अनुमोदित शिक्षकों के अनुमोदन को निरस्त कर दिया गया है। साथ ही अवध विश्वविद्यालय अपने फर्जी पाए गए शिक्षकों से स्टांप पर स्पष्टीकरण ले रहा है लेकिन यह प्रक्रिया भी अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई है।
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शिक्षक अनुमोदन प्रक्रिया में शिक्षकों का डाटा सत्यापित न कराने वाले 148 महाविद्यालयों पर कार्रवाई होने जा रही है। कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित के निर्देशन में कार्रवाई के प्रपत्र पूर्ण हो चुके है। अगले सप्ताह से इन महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। साथ ही शिक्षकों का सत्यापन न कराने वाले महाविद्यालयों की सूची विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट लोड कर दी जाएगी।- प्रो. एसएन शुक्ल, प्रभारी कुलसचिव, अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद
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