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कुलपति पर अभद्र टिप्पणी भारी पड़ी, सह प्राध्यापक निलंबित

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कुलपति पर अभद्र टिप्पणी भारी पड़ी, सह प्राध्यापक निलंबित
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फैजाबाद। नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय के सह प्राध्यापक डॉ. सोनू जायसवाल को कुलपति के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करना भारी पड़ा है। उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जांच समिति की संस्तुति पर उन्हें फसल अनुसंधान केंद्र टिसुही मिर्जापुर से संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन की सूचना कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव कृषि उत्तर प्रदेश शासन एवं प्रमुख सचिव व राज्यपाल को भी प्रेषित कर दी गई है।
पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय के टीवीसीसी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. सोनू जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कुलपति के विरुद्ध अभद्र व अपमानजनक टिप्पणी शेयर की थी। वहीं उन्होंने कुलपति के कार्यालय कक्ष में भी कुलपति से अभद्र व्यवहार किया था। मामले में बुधवार को हुई उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विक्रमा प्रसाद पांडेय की अध्यक्षता में गठित समिति ने डॉ. जायसवाल को विश्वविद्यालय में अनुशासनात्मक वातावरण बनाए रखने के दृष्टिगत निलंबित किए जाने और मुख्यालय से बाहर संबद्ध किए जाने की संस्तुति दी थी। जांच समिति की संस्तुति के आधार पर डॉ. जायसवाल को निलंबित करते हुए उन्हें फसल अनुसंधान केंद्र टिसुही मिर्जापुर से संबद्ध कर दिया गया है। ज्ञात हो कि डॉ. जायसवाल को विधायक रामचंद्र यादव की शिकायत पर मंडलायुक्त द्वारा पूर्व अधिष्ठाता डॉ. हरनाम सिंह की जांच में प्रेषित रिपोर्ट में भी वेटनरी क्लीनिक पर 20 हजार रुपये की सीमा में बार-बार दवाएं क्रय किए जाने की प्रक्रिया में दोषी ठहराया गया है। उन्होंने अधिष्ठाता पशुचिकित्सा एवं पशुपालन डॉ. वीके सिंह के निर्देश के बावजूद एक चिकित्सक होने के कारण परिसर में निवास नहीं कर चिकित्सालय संचालन में बाधा उत्पन्न करने का भी प्रयास किया था। निलंबन की सूचना कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव कृषि उत्तर प्रदेश शासन एवं प्रमुख सचिव व राज्यपाल को भी प्रेषित कर दी गई है।
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वाट्सएप पर टिप्पणी का यह है मामला
एनडी विवि के कुलपति प्रो. अख्तर हसीब का तीन माह का सेवा विस्तार 20 जनवरी को समाप्त हो रहा है। इसके मद्देनजर कुलपति ने एक आदेश जारी कर कमेटी बनाई। जिसे उनके आवास में रखे गए उनके सामानों का सत्यापन करने का निर्देश दिया। इसी कमेटी में डॉ. सोनू जायसवाल भी बतौर सदस्य शामिल किए गए थे। डॉ. जायसवाल ने इसी आदेश की एक कॉपी वाट्सएप पर टैग करके कमेंट लिखा कि ईमानदारी का ढोल पीटता है, अपनी चड्डियां गिनवाने के लिए कमेटी बनाई है। यह मैसेज बुधवार को विवि में वायरल हो गया। इसके बाद कुलपति ने डॉ. सोनू को अपने चैंबर में बुलाया। आरोप है कि वहां उन्होंने कुलपति के साथ अभद्र व्यवहार किया।

मुझे फर्जी फंसाया गया है। कुलपति ने अपने आवास पर बुलाकर गाली-गलौज की, मैने जवाब दिया तो उसका वीडियो बना लिया। बगैर मेरा पक्ष जाने जांच टीम ने एकतरफा निलंबन की संस्तुति की है। सारा मामला डीन विवाद से जुड़ा है, मेरी प्रताड़ना की गई। मेरा कार्य का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक है, लेकिन मुझे 24 घंटे कैंपस में रहने को कहा गया। मेरे ऊपर फर्जी दवाएं चोरी करने का भी आरोप लगाया गया।- डॉ. सोनू जायसवाल सह प्राध्यापक, एनडी विवि
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अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विवि हित में ऐसा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। पहले ऐसे लोगों को बर्दाश्त किया जाता रहा है, जिसका नतीजा है ऐसी घटना। संबंधित शिक्षक डॉ. सोनू जायसवाल पर पहले भी भाजपा विधायक की शिकायत पर हुई जांच में दवाएं चोरी करने तक का मामला सामने आया था।- प्रो. अख्तर हसीब, कुलपति एनडी विवि
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